पुलिस की गिरफ्त में सोमबीर मोटा। इमेज-सोशल मीडिया
US Deported Sombir Mota : हरियाणा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय बिठाते हुए अपराध की दुनिया के एक बड़े चेहरे पर नकेल कसने में कामयाबी हासिल की है। कई संगीन वारदातों में वांछित और कानून की आंखों में धूल झोंककर अमेरिका भाग चुके कुख्यात गैंगस्टर सोमबीर उर्फ मोटा को आखिरकार डिपोर्ट कर भारत वापस लाया गया है। सोमबीर की यह वतन वापसी हरियाणा में सक्रिय आपराधिक सिंडिकेट्स के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
रोहतक के कारौर गांव का रहने वाला सोमबीर मोटा कोई मामूली अपराधी नहीं है। वह कुख्यात गैंगस्टर अनिल छिप्पी का सगा भाई है और उसके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, लूटपाट और जबरन वसूली जैसे 20 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक सोमबीर का नाम लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी जैसे खूंखार गैंग के साथ भी जुड़ा रहा है। प्रदेश में दहशत फैलाने और रंगदारी का नेटवर्क चलाने में उसकी अहम भूमिका रही है।
सोमबीर ने पुलिस से बचने के लिए बेहद शातिर चाल चली थी। साल 2024 में उसने जाली दस्तावेजों का सहारा लेकर पासपोर्ट बनवाया और अवैध तरीके से अमेरिका फरार हो गया। एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ कि वह सात समंदर पार बैठकर भी हरियाणा में अपना नेटवर्क चला रहा था और व्यापारियों से फोन पर रंगदारी मांग रहा था। जैसे ही हरियाणा एसटीएफ को उसके ठिकाने की भनक लगी, तुरंत केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के जरिए इंटरपोल से संपर्क साधा गया। सोमबीर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अमेरिकी एजेंसियों ने उसे हिरासत में ले लिया। भारत सरकार और गृह मंत्रालय के कूटनीतिक प्रयासों के बाद लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई और उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया।
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने MEA और MHA के साथ मिलकर 10.02.2026 को USA से वॉन्टेड सोमबीर मोट्टा को वापस लाने में कामयाबी हासिल की है। हरियाणा पुलिस को मर्डर और हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े जुर्म में उसकी तलाश थी। उसे 10.02.2026 को USA से इंडिया डिपोर्ट कर दिया गया… pic.twitter.com/jRHka5He5T — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 10, 2026
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एसटीएफ अधिकारियों का मानना है कि सोमबीर की गिरफ्तारी से लॉरेंस बिश्नोई और जठेड़ी गैंग के विदेशी कनेक्शन और फंडिग नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकेगा। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर यह पता लगाएगी कि विदेश भागने में किन सफेदपोशों ने उसकी मदद की और उसके गिरोह में अभी कितने शूटर सक्रिय हैं।