Pahalgam Terror Attack: कितना खतरनाक है आतंकी संगठन TRF? लादेन से क्या है कनेक्शन

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिडेंट फ्रंट (TRF) ने ली है। TRF लश्कर-ए-तैयबा का हिस्सा है। जिसका कनेक्शन आतंकवादी ओसामा बिन लादेन से भी है।
Pahalgam Terror Attack: कितना खतरनाक है आतंकी संगठन TRF? लादेन से क्या है कनेक्शन
Pahalgam Terror Attack (Social Media)
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Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को वादी में पर्यटन के लिए गए पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ। जिसमें 28 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। मारे गए लोगों में दो विदेशी नागरिक भी शामिल है। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी द रेजिडेंट फ्रंट (TRF) ने ली है। टीआरएफ को ​पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा माना जाता है।

टीआरएफ को 2019 में लश्कर-ए-तैयबा और इंडियन मुजाहिदीन को मिलाकर बनाया गया था। जिसका काम कश्मीर के युवाओं के सरहद पार भेजकर उन्हें गोरिल्ला लड़ाई की ट्रेनिंग देना था। टीआरएफ को बनाने वालों में हाफिज़ मुहम्मद सईद,जकीउर रहमान लखवी और कश्मीर के रहने वाले शेख सज्जाद गुल का नाम शामिल है।

शेख सज्जाद गुल का जन्म 1974 में श्रीनगर में हुआ था। सज्जाद ने अपनी शुरुआती पढ़ाई श्रीनगर में करने के बाद बैंगलोर के एशिया पैसिफिक इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए की डिग्री भी ली थी। लेकिन साल 2001 में वो आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के करीब आ गया। इस समय सज्जाद ही टीआरएफ को चला रहा है। सज्जाद को आतंकी हाफिज सईद का राइट हैंड माना जाता है।

कई हमलों के दे चुका है अंजाम

सज्जाद गुल के नेतृत्व में टीआरएफ ने अपने बनने के बाद से ही कई हमलों को अंजाम दिया है। जिसमें 2020 में बीजेपी नेता और उनके परिवार की हत्या और 2023 में पुलवामा में कश्मीरी पंडित संजय शर्मा की हत्या भी शामिल है। साल 2019 में हुए पुलवामा हमले में भी टीआरएफ का नाम आया था। लेकिन तब जांच एजेंसियों को इसका सीधा कनेक्शन नहीं मिला था।

टीआरएफ के आतंकी दूसरे आतंकी संगठनों से कई मामले में अलग है। इसके लोग दिखने में ज्यादा लोकल और कम धार्मिक नजर आते हैं। जिसकी वजह से इनपर  एजेंसियों की नजर कम पड़ती है। जिसका फायदा टीआरएफ आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल करता है।

टीआरएफ सुरक्षा बलों के जवानों को अपना निशाना बनने के लिए जाना जाता है। लेकिन जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद से टीआरएफ ने सुरक्षा बलों के जवानों के साथ-साथ आम लोगों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

लादेन से है कनेक्शन

टीआरएफ का दुनिया के सबसे बड़े आतंकी रहे और अल कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन से मजबूत संबंध है। लादेन ने अपने जिंदा रहते कई आतंकी संगठनों को बनाने मे मदद की थी। जिसमें लश्कर-ए-तैयबा भी एक है।

लादेन ने 1990 में लश्कर-ए-तैयबा को बनाने के लिए हाफिज सईद को पैसा दिया था। सईद ने आगे चलकर मुंबई में 26/11 आतंकी हमला करने के साथ-साथ कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए टीआरएफ जैसे कई आतंकी संगठनों को बनाया था।

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