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क्या मजाक है ये हमारे कानूनी सिस्टम का? CJI सूर्यकांत का फूटा गुस्सा, इस केस पर हुए नाराज

CJI Surya Kant: भारत के सीजेआई सूर्यकांत ने कहा है कि साल 2009 का ट्रायल अब तक चल रहा है। यह शर्म की बात है। दिल्ली ऐसे मामलों को नहीं संभाल पाएगी तो फिर कौन ही करेगा? उन्होंने सख्त निर्देश जारी किए।

  • Written By: रंजन कुमार
Updated On: Dec 04, 2025 | 02:17 PM

सीजेआई सूर्यकांत।

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CJI Surya Kant on Acid Attack Trial: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने 16 साल से लंबित एक मामले पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि साल 2009 का ट्रायल अब तक चल रहा है। यह तो शर्म की बात है। इतने लंबे समय से लंबित एसिड अटैक ट्रायल पर सीजेआई सूर्यकांत बेहद नाराज हुए। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा कि कानूनी सिस्टम का मजाक बना रखा है। सुप्रीम कोर्ट में एसिड अटैक के एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने लंबित ट्रायल पर यह नाराजगी जताई।

सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त लहजे में कहा कि क्या मजाक है ये हमारे कानूनी सिस्टम का। यह शर्म की बात है। साल 2009 का ट्रायल आज भी चल रहा है। दिल्ली ऐसे मामलों को संभाल नहीं पा रही तो दूसरे कोर्ट कैसे कर सकेंगे?

सभी हाईकोर्ट से एसिड अटैक की मांगी रिपोर्ट

इस दौरान सीजेआई ने कहा कि देश भर में एसिड अटैक मामलों की स्थिति जानना बेहद जरूरी है। उन्होंने इस पर अहम निर्देश जारी किए। उनके आदेश में सभी हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल्स से एसिड अटैक पीड़ितों के लंबित ट्रायल की पूरी जानकारी मांगी गई है। साथ ही हर लंबित केस की स्टेज, देरी का कारण और अब तक की प्रोग्रेस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में देरी अस्वीकार्य है। ऐसे मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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हर साल 200 से अधिक महिलाएं एसिड अटैक की बनती हैं शिकार

देश में हर साल 200 से अधिक महिलाएं एसिड अटैक का शिकार बनती हैं। यह सरकारी आंकड़ा है। असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCB) के आंकड़ों के अनुसार ये मामले दर्ज किए जाते हैं, लेकिन कई अनदेखे हो जाते हैं। साल 2023 के एनसीआरबी डाटा के आधार पर पूरे भारत में 207 मामले दर्ज किए गए थे। यह संख्या 2022 के 202 मामलों से थोड़ी अधिक है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 124 के तहत एसिड अटैक के आरोपियों को कम-से-कम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है। वहीं, इसमें अधिकतम उम्रकैद हो सकती है।

What a joke this is of our legal systemcji suryakant bursts out in anger

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Published On: Dec 04, 2025 | 02:03 PM

Topics:  

  • CJI Surya Kant
  • Delhi News
  • Supreme Court

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