राम मंदिर चंदा और जमीन खरीद विवाद: डिंपल यादव और सपा सांसदों का संसद परिसर में प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग
Dimple Yadav Parliament Protes: संसद परिसर में सपा सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा और जमीन खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन किया। डिंपल यादव ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
डिंपल यादव (सोर्स-आईएएनएस)
Dimple Yadav On Ram Mandir Donation Parliament Protest: संसद परिसर में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा और जमीन खरीद में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सपा सांसद डिंपल यादव, अवधेश प्रसाद और अन्य नेताओं ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे, दान और भूमि खरीद में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, जिनकी जांच अब तक पूरी नहीं हुई।
डिंपल यादव ने दावा किया कि पहले गठित जांच समिति के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने जमीन खरीद में कथित मूल्य अंतर और चढ़ावे के उपयोग पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की। वहीं, सपा सांसद राजीव राय ने उपचुनाव परिणामों का हवाला देते हुए सरकार पर जनता की आवाज दबाने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार या संबंधित ट्रस्ट की ओर से इस खबर में कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
डिंपल यादव ने उठाए कई सवाल
डिंपल यादव ने पत्रकारो से बात करते हुए कहा कि दो वर्ष पहले जांच के लिए समिति बनाई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपए की जमीनों की खरीद-फरोख्त में भारी मूल्य अंतर देखा गया।
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2 करोड़ रुपए की जमीन 16 करोड़ रुपए में और 5 करोड़ रुपए की जमीन 23 से 30 करोड़ रुपए तक में खरीदी गई। इस अतिरिक्त राशि का लाभ आखिर किसे मिला और यह पैसा किन खातों में गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच समिति के पास पर्याप्त तथ्य और साक्ष्य थे तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन
डिंपल यादव ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था और देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय है। इसलिए मंदिर के नाम पर लोगों द्वारा श्रद्धा से दिए गए चढ़ावा और दान का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। उनकी पार्टी नहीं चाहती कि लोगों की धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल किसी संगठन या संस्था को चलाने के लिए किया जाए। जनता ने जिस विश्वास के साथ दान दिया है, उसका सही उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए।
सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप
सपा सांसद ने आरोप लगाया कि कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं से आम जनता में नाराजगी है और विपक्ष केवल इस मुद्दे पर संसद में चर्चा चाहता है, लेकिन सरकार इस पर चर्चा कराने से बच रही है। यह देश के लोगों का पैसा है और अब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कथित रूप से कितनी राशि की हेराफेरी हुई है। उन्होंने इसे देश की धरोहर से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए सरकार से तत्काल और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
सरकार ने देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया
डिंपल यादव ने यह भी कहा कि सवाल केवल दान राशि का नहीं है, बल्कि मंदिर को मिली धातुओं, आभूषणों और भूमि सौदों में हुई अनियमितताओं का भी है। यह जानना जरूरी है कि दान और जमीन से जुड़े करोड़ों रुपए आखिर किसके पास पहुंचे। यदि इस तरह की अनियमितताएं हुई हैं तो इससे देश की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हुआ है।
उपचुनाव परिणामों पर भी बोलीं डिंपल यादव
वहीं, पटना और मध्य प्रदेश के उपचुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिंपल यादव ने कहा कि नतीजे उत्साहजनक हैं, हालांकि उपचुनाव और आम चुनाव की परिस्थितियां अलग होती हैं। यदि उत्तर प्रदेश में नियमित विधानसभा चुनाव होते हैं तो राजनीतिक तस्वीर अलग हो सकती है। जनता में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है और समाजवादी पार्टी आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है।
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राजीव राय ने सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उपचुनाव परिणाम जनता की सरकार के खिलाफ आवाज हैं। उनके अनुसार, जिन लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश की गई और जिन्हें सरकार तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देशद्रोही बताया, वही जनता अब चुनावों के माध्यम से अपना संदेश दे रही है। जब जनता मजबूती से खड़ी होती है तो सरकारें बदल जाती हैं।
