
हरियाणा में पाकिस्तान की बड़ी साजिश नाकाम (फोटो- सोशल मीडिया)
Haryana Police Pakistan ISI Link Spy Arrest: पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे थे। इन दोनों पर भारतीय वायुसेना स्टेशन और सीमा पर तनाव से जुड़ी बेहद संवेदनशील और खुफिया जानकारी आईएसआई तक पहुंचाने का गंभीर आरोप है। इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की यह कार्रवाई दो अलग-अलग मामलों में हुई है। अंबाला में पकड़ा गया आरोपी एयर फोर्स स्टेशन की मरम्मत के बहाने अंदर की खबरें लीक कर रहा था, जबकि कैथल का आरोपी भारत-पाकिस्तान संघर्ष और ऑपरेशन सिंदूर जैसे मुद्दों पर दुश्मन देश को अपडेट दे रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों के पास से बरामद मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच चल रही है, जिससे कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
अंबाला मामले में पुलिस ने जिस शख्स को गिरफ्तार किया है, उसका नाम सुनील उर्फ सन्नी है। डीएसपी क्राइम विरेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि सुनील 2020 से एयर फोर्स स्टेशन पर एक ठेकेदार के रूप में काम कर रहा था। उसके काम में मरम्मत और देखरेख शामिल थी, जिसका फायदा उठाकर वह वहां की तस्वीरें और संवेदनशील जानकारी जुटाता था।
जांच में सामने आया है कि सुनील एक महिला के संपर्क में था। वह महिला उससे रक्षा क्षेत्र से जुड़ी जानकारी मांगती थी और सुनील उसे आगे भेज देता था। उसके मोबाइल के विश्लेषण से यह पुष्टि हुई है कि वह यह डाटा पड़ोसी दुश्मन देश को भेज रहा था। सुनील शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं, इसके बावजूद वह देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया गया। फिलहाल वह चार दिन की पुलिस रिमांड पर है।
जासूसी का दूसरा मामला कैथल से सामने आया है। यहां पुलिस ने देवेंद्र नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो गांव मस्तगढ़ चीका का रहने वाला है। डीएसपी कैथल वीरभान ने बताया कि जिला पुलिस को खुफिया इनपुट मिला था, जिसके बाद स्पेशल डिटेक्टिव स्टाफ ने नरवाल सिंह के बेटे देवेंद्र को पकड़ा।
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हिरासत में पूछताछ के दौरान उसने एक चौंकाने वाला कबूलनामा किया। उसने माना कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सीधे संपर्क में था। वह भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे विवादों और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी गुप्त सूचनाएं समय-समय पर पाकिस्तानी सेना और आईएसआई को भेजता था। साइबर पुलिस स्टेशन की टीम अब उसके पास से मिले उपकरणों की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक कितनी जानकारी सीमा पार भेजी है।






