Ebola Alert: इबोला वायरस को लेकर सख्त हुई तेलंगाना सरकार, गलत जानकारी देने वाले यात्रियों पर दर्ज होगी केस
Ebola Alert: इबोला प्रभावित देशों से हैदराबाद आने वाले कुछ यात्रियों द्वारा गलत पते और जानकारी देने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए तेलंगाना सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
- Written By: करुणा नंद शाहवाल
स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा (सोर्स- सोशल मीडिया)
Ebola Alert In Telangana: इबोला वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने राज्य में निगरानी और एहतियाती उपायों को और सख्त कर दिया है। विशेष रूप से इबोला प्रभावित देशों से हैदराबाद पहुंचने वाले यात्रियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इसी बीच अधिकारियों को यह जानकारी मिली कि कुछ विदेशों से आए हुए यात्रियों के द्वारा अपने पते और अन्य जरूरी जानकारियों के विषय में गलत सूचना दी है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजा नरसिम्हा ने सोमवार को ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ मामले को दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने इबोला पर हुई समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को सूचित किया कि विदेश से आने वाले कुछ यात्री अपने दिए गए पते पर नहीं रह रहे थे। मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया। अधिकारियों ने मंत्री को सूचित किया कि विदेश से आने वाले कुछ यात्री अपने दिए गए पते पर नहीं रह रहे थे। मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों को अपने पते और फोन नंबर सहित सटीक और सही जानकारी देनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि झूठी सूचना देना या तथ्यों को छुपाना जैसे कृत्यों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाए।
हवाई अड्डों पर की जाएगी पूछताछ
मंत्री ने आदेश दिया कि विदेशी यात्रियों से प्रभावी ढंग से संवाद करने के लिए अंग्रेजी और विदेशी भाषा विश्वविद्यालय (ईएफएलयू) की सहायता ली जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि इबोला प्रभावित देशों में व्यापक रूप से बोली जाने वाली आवश्यक विदेशी भाषाओं जैसे फ्रेंच, अरबी और स्वाहिली में निपुण कर्मचारियों को हवाई अड्डे पर चौबीसों घंटे, तीन शिफ्टों में उपलब्ध कराया जाए, ताकि निगरानी और सूचना-संग्रह प्रक्रियाओं का अधिक कुशलता से प्रबंधन किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर बढ़ाई गई निगरानी
बैठक में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान में इबोला वायरस के प्रकोप के मद्देनजर राज्य में लागू किए गए एहतियाती उपायों, निगरानी, अंतर-विभागीय समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मंत्री को सूचित किया कि इबोला प्रभावित देशों से राज्य में आने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि शमशाबाद हवाई अड्डे पर स्क्रीनिंग और निगरानी प्रणालियों को और मजबूत किया गया है।
लक्षण दिखने पर 21 दिन तक आइसोलेशन
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों का विवरण एकत्र किया जा रहा है और 21 दिनों तक उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी की जा रही है। संदिग्ध लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों की तुरंत पहचान कर उन्हें गांधी अस्पताल में आइसोलेशन में रखा जा रहा है।
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दूसरी जांच में रिपोर्ट नेगेटिव आने पर मिलेगी छुट्टी
मंत्री को सूचित किया गया कि दो संदिग्ध मामलों को गांधी अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है; उनके नमूने पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) भेजे गए थे, और दोनों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उन्होंने आगे बताया कि आईसीएमआर के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए नमूने दोबारा एकत्र किए गए और आगे की जांच के लिए एनआईवी पुणे भेजे गए।
उन्होंने कहा कि यदि दूसरी जांच का परिणाम भी नेगेटिव आता है, तो व्यक्तियों को आइसोलेशन से छुट्टी दे दी जाएगी। मंत्री ने निर्देश दिया कि संदिग्ध नमूनों के संग्रह और परीक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सेलुलर और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी केंद्र (सीसीएमबी) के निदेशक से स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का भी अनुरोध किया।
