मीट की दुकानें शहर से बाहर भेजने पर जाएगा लोगों का रोजगार, वाराणसी प्रशासन के निर्णय पर मौलाना ने जताई चिंता

Varanasi Meat Shops Shifted News: वाराणसी में मीट की दुकानें शहर से बाहर शिफ्ट करने के फैसले पर शहाबुद्दीन रजवी ने चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि इस कदम से ये लोग गरीबी में जा सकते हैं।
Relocating meat shops outside the city will cost people their livelihoods; Maulana expresses concern over the Varanasi administration's decision.
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी )फोटो सोर्स- आईएएनएस)
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Shahabuddin Razvi Barelvi On Varanasi Meat Ban: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वाराणसी जिला प्रशासन द्वारा मीट की दुकानों को शहर के बाहर शिफ्ट करने के फैसले और महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुई एक घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वाराणसी में लोगों से रोजगार छीना जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे ये लोग गरीबी की ओर धकेल दिए जा सकते हैं।

यह न्यायसंगत फैसला नहीं: रजवी

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, वाराणसी प्रशासन ने लगभग 450 मीट और मछली व्यापारियों को अपना कारोबार शहर से बाहर ले जाने का आदेश दिया है। इससे 450 दुकानदारों के साथ-साथ हर दुकान पर काम करने वाले दो से चार श्रमिकों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। अगर कोई दुकान मंदिर के बहुत पास है तो उसे थोड़ा हटाना उचित हो सकता है, लेकिन सभी दुकानदारों को शहर से बाहर भेजने का फैसला न्यायसंगत नहीं है।

6 जून को एक बैठक में लिया निर्णय

बता दें कि वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में मैदागिन के टाउनहॉल में 6 जून को एक बैठक हुई थी। इसमें मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी। इसके बाद नगर कमिश्नर हिमांशु नागपाल ने बताया कि इस स्कीम के पहले चरण में मीट-मछली की दुकानों के लिए 5 जगहों का चयन किया गया है। ये जगह शहर की बाहरी सीमाओं के पास हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में वाराणसी शहर के भीतर चलने वाली मीट-मछली की दुकानों को रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर इलाकों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

औरंगाबाद होटल का किया जिक्र

मौलाना रजवी ने जम्मू-कश्मीर भाजपा के मीडिया इंचार्ज साजिद यूसुफ शाह के साथ हुई घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि साजिद यूसुफ शाह महाराष्ट्र के औरंगाबाद गए थे, जहां एक होटल में उन्हें कमरा देने से इनकार कर दिया गया। आरोप है कि उन्हें इसलिए जगह नहीं दी गई, क्योंकि वे कश्मीरी मुस्लिम हैं। मौलाना ने पूछा, “यह कैसी नफरत है?” उन्होंने कहा कि भारत प्यार, सद्भाव और भाईचारे का देश है। यहां हिंदू और मुसलमान सदियों से एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर रहते हैं और दोनों की संस्कृति व विरासत साझी है। यही वजह है कि भारत दुनिया में अपनी विविधता और समानता के लिए जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि अगर यह घटना सच है तो यह दर्शाता है कि कुछ लोगों के दिलों में नफरत के बीज इतनी गहराई तक बो दिए गए हैं कि अब उन्हें हटाने की जरूरत है। मौलाना ने सभी धर्मों के लोगों से आपसी सम्मान और भाईचारे को बनाए रखने की अपील की।

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