कांगो में इबोला ने मचाई तबाही! लगातार बढ़ रहा मौतों का आंकड़ा, हिंसा के बीच बेकाबू हुई महामारी
DRC Ebola Outbreak: कांगो में इबोला से अब तक 1,033 लोगों की जान जा चुकी है। 2,500 से अधिक संक्रमितों के बीच हिंसा और विस्थापन ने स्वास्थ्य सेवाओं और राहत कार्यों को संकट में डाल दिया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
कांगो में इबोला से मरने की संख्या बढ़ी, एआई फोटो
Ebola Death Toll Congo: कांगो में इबोला वायरस ने भयावह रूप अख्तियार कर लिया है। देश के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस जानलेवा संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,033 हो गई है, जबकि कुल संक्रमितों का आंकड़ा 2,536 तक पहुंच गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि महामारी अभी अपने ‘निरंतर प्रसार’ के चरण में है और प्रभावित इलाकों में बढ़ती हिंसा ने स्थिति को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
अस्पतालों पर बढ़ता दबाव
स्वास्थ्य मंत्रालय की नवीनतम स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक देश के 5 प्रांतों के 47 क्षेत्रों में यह वायरस पैर पसार चुका है, जिनमें से 46 क्षेत्रों में संक्रमण अब भी सक्रिय रूप से फैल रहा है। उत्तर किवु प्रांत में स्वास्थ्य सुविधाएं अपनी क्षमता से अधिक भार झेल रही हैं।
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वहां इबोला उपचार केंद्रों में महज 141 बिस्तरों की क्षमता के मुकाबले 182 मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया है। राहत की बात यह है कि अब तक 506 मरीज पूरी तरह ठीक होकर घर लौट चुके हैं, लेकिन 738 लोग अब भी डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में आइसोलेशन में हैं।
EBOLA VIRUS DEATH TOLL PASSES 1,000 IN DR CONGO The FASTEST outbreak in history, acc to the WHO It is unlike most previous Ebola outbreaks, the Bundibugyo virus responsible for it has NO APPROVED VACCINES OR TREATMENTS pic.twitter.com/kFRRFv1VyB — RTBreaking (@RT_Breaking) July 23, 2026
हिंसा बनी सबसे बड़ी बाधा
महामारी के खिलाफ जंग में चिकित्सा सुविधाओं की कमी से भी बड़ा संकट वहां की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 13 से 19 जुलाई के बीच बेनी इलाके में हुए सशस्त्र हमलों में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई है।
इस हिंसा के कारण बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन हुआ है, जिससे न केवल वायरस के प्रसार का खतरा बढ़ा है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचाना भी लगभग असंभव हो गया है। सुरक्षा कारणों से इबोला रिस्पांस टीम सहित कम से कम छह अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने बेनी क्षेत्र में अपनी आवाजाही फिलहाल रोक दी है।
संक्रमण फैलने के मुख्य कारण
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार इबोला का प्रकोप बुंदिबुग्यो वायरस के कारण हुआ है, जिसकी आधिकारिक घोषणा पहली बार 15 मई को पूर्वी इतुरी प्रांत में की गई थी। राष्ट्रीय इबोला प्रतिक्रिया समन्वय के ऑपरेशन मैनेजर एडेलार्ड लुफोंगोला के अनुसार, लोगों का निरंतर आवागमन, छोटे स्तर पर होने वाली खनन गतिविधियां और युगांडा व दक्षिण सूडान के साथ लगती सीमाओं पर असुरक्षा के कारण संक्रमण को नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि महामारी अपने चरम पर पहुंच चुकी है, क्योंकि डेटा रिपोर्टिंग में देरी के कारण मामलों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। वर्तमान में इतुरी और उत्तर किवु प्रांत इस महामारी के मुख्य केंद्र बने हुए हैं। यदि स्थानीय सुरक्षा स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो राहत कार्यों में आ रही बाधाएं मौतों के आंकड़े को और अधिक भयावह बना सकती हैं।
