
शिमला में धू-धूकर जला जुन्गा महल (फोटो- सोशल मीडिया)
Shimla heritage Junga Palace fire: शिमला के पास जुन्गा में स्थित 200 साल पुराना ऐतिहासिक जुन्गा महल बुधवार दोपहर भीषण आग में जलकर खाक हो गया। दोपहर करीब एक बजे भड़की आग ने कुछ ही मिनटों में लकड़ी, पत्थर और मिट्टी से बने इस महल को अपनी चपेट में ले लिया। सदियों पुरानी नक्काशी, पारंपरिक वास्तुकला और क्षेत्र की पहचान मानी जाने वाली विरासत राख में बदल गई, जबकि किसी जानमाल की हानि नहीं हुई।
शिमला से लगभग 26 किलोमीटर दूर जुन्गा कस्बे में स्थित यह महल हरी-भरी पहाड़ियों और शांत वादियों के बीच बसा था। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और नुकसान का आकलन जारी है। बताया गया कि आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरा ढांचा इसकी चपेट में आ गया। स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि इतिहास की जीवित निशानी थी।
The tragic fire at the historic royal palace of the Junga princely state is deeply painful. This palace is an important symbol of our rich historical and cultural heritage, renowned for its distinctive architecture and exquisite wood carvings. The severe damage to this nearly… pic.twitter.com/AOAZMocuaP — Anirudh Singh (@anirudhsinghMLA) January 7, 2026
यह महल 1800 के दशक में तत्कालीन क्योंथल रियासत के शासकों द्वारा बनवाया गया था। पत्थर, लकड़ी और मिट्टी से बने इस भवन की छतों पर स्लेट का इस्तेमाल किया गया था, जो पहाड़ी वास्तुकला की पहचान है। लंबे समय से संरक्षण के अभाव में यह महल जर्जर हो चुका था और उपयोग में नहीं था, फिर भी इसकी ऐतिहासिक अहमियत बनी हुई थी।
महल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लकड़ी पर की गई बारीक नक्काशी थी, जो उस दौर के कारीगरों के कौशल को दर्शाती थी। यहां एक ही पेड़ के तने से बनी सीढ़ियां, जिन्हें स्थानीय भाषा में लिस्का कहा जाता है, प्राचीन इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण थीं। भीतर पुराने कैलेंडर, मूर्तियां और पारंपरिक वस्तुएं इसे एक जीवित संग्रहालय जैसा बनाती थीं।
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पुराने महल के पास ही चौरनी पैलेस स्थित है, जहां वर्तमान में शाही परिवार रहता है और उनकी गतिविधियों का केंद्र है। जुन्गा कभी क्यौंथल रियासत की राजधानी रहा है और इसका नाम स्थानीय देवता जून का के नाम पर पड़ा है। इस आग ने न केवल एक इमारत को नष्ट किया, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक स्मृतियों को भी गहरा आघात पहुंचाया है।






