- Hindi News »
- India »
- Sc Jk Statehood Hearing Aug 14 Cji Br Gavai Article 370
स्वतंत्रता दिवस से पहले J&K स्टेटहुड पर कल सुप्रीम सुनवाई, क्या फैसला बनेगा ऐतिहासिक?
Jammu-Kashmir का राज्य का दर्जा बहाल करने की याचिका पर कल (14 अगस्त) सुनवाई होगी। भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ इस मामले की सुनवाई कर सकती है।
- Written By: सौरभ शर्मा

जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की याचिका पर कल सुनवाई
Supreme Court J&K Statehood Hearing: सुप्रीम कोर्ट कल, 14 अगस्त, जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसे कारण सूची में भारत के प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है। यह आवेदन आर्टिकल 370 मामले में दिए गए 11 दिसंबर 2023 के फैसले के बाद दाखिल मिक्स्ड एप्लिकेशन के रूप में है, जिसमें अदालत ने अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र के फैसले को बरकरार रखते हुए विधानसभा चुनाव सितंबर 2024 तक कराने और राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करने की बात कही थी। याचिकाकर्ता जहूर अहमद भट और खुर्शीद अहमद मलिक का कहना है कि केंद्र द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद स्टेटहुड बहाली पर ठोस कदम नहीं उठे, जिससे संघवाद की मूल संरचना प्रभावित हो रही है।
याचिका के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में विधानसभा और लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुए हैं, इसलिए सुरक्षा या हिंसा जैसी कोई बाधा राज्य का दर्जा बहाल करने में रोड़ा नहीं हो सकती। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पहले कोर्ट को आश्वस्त किया था कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा, जबकि लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में बना रहेगा, जिसे अदालत के आदेश में एट द अर्लिएस्ट के रूप में दर्ज किया गया था। अब यह मामला फिर से कोर्ट के समक्ष इस मांग के साथ है कि समयबद्ध सीमा में बहाली के स्पष्ट निर्देश दिए जाएं, ताकि निर्वाचित सरकार और संघीय ढांचे की आत्मा अक्षुण्ण रह सके ।
क्यों अहम है यह सुनवाई
आर्टिकल 370 पर 11 दिसंबर 2023 के ऐतिहासिक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने विशेष दर्जा हटाने को वैध ठहराया था, साथ ही कहा था कि राज्य का दर्जा लौटाने की प्रक्रिया शीघ्र हो और विधानसभा चुनाव 30 सितंबर 2024 तक कराए जाएं। फैसले में यह भी स्पष्ट हुआ कि राज्य का दर्जा बहाल करने की संवैधानिक प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए, क्योंकि लंबे समय तक केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा बनाए रखना संघवाद के सिद्धांत से टकरा सकता है, जिसे याचिकाकर्ता अब प्रत्यक्ष उल्लंघन बता रहे हैं। सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अदालत ने पहले टाइमलाइन तय नहीं की थी, और अब याचिका समयबद्ध आदेश की मांग कर रही है ताकि नीति स्पष्ट हो सके।
सम्बंधित ख़बरें
नवभारत विशेष: सुको ने बंगाल में तैनात किए न्यायिक अधिकारी
Kishtwar Encounter: किश्तवाड़ में जैश का टॉप कमांडर सैफुल्लाह ढेर! जम्मू-कश्मीर में सेना को मिली बड़ी सफलता
किश्तवाड़ में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़, कुख्यात जैश कमांडर सैफुल्लाह घिरा, दोनों ओर से फायरिंग जारी
‘सुप्रीम’ हथौड़े ने तोड़ी ट्रंप की कमर, अमेरिकी सरकार लौटाएगी अरबों डॉलर; नए फैसले से भारत को क्या फायदा होगा?
यह भी पढ़ें: फिर से सहमा भोपाल! गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में क्लोरीन गैस लीक से मची अफरा-तफरी
किसकी दलील, क्या आधार
याचिकाकर्ता जहूर अहमद भट (शिक्षाविद) और खुर्शीद अहमद मलिक (सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता) ने कहा है कि गैर-बहाली से लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व घटता है और नागरिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जबकि हालिया चुनावों ने शांति और सहभागिता का संकेत दिया है। लिस्टिंग के मुताबिक यह मामला CJI बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ के समक्ष 14 अगस्त को, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, सुना जाएगा, जिसे वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन की मेंशनिंग के बाद बोर्ड पर बनाए रखा गया था। कानूनी पृष्ठभूमि में 2019 के पुनर्गठन कानून पर अदालत ने लद्दाख के अलग यूटी बनने तक सीमित वैधता का उल्लेख किया और राज्य का दर्जा बहाली पर केंद्र के आश्वासन को रिकॉर्ड किया था, जिसे अब अनुपालन के तौर पर परखा जा रहा है।
Sc jk statehood hearing aug 14 cji br gavai article 370
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 24 February: मंगलवार को वृषभ और धनु राशि वालों को मिलेगा बंपर लाभ, जानें अपनी राशि का हाल!
Feb 24, 2026 | 12:05 AMZIM vs WI मुकाबले में हुई छक्कों की बारिश, टूटा विश्व रिकॉर्ड, T20 WC 2026 में दोनों टीमों ने मिलकर रचा इतिहास
Feb 23, 2026 | 11:49 PMवरमाला में हुआ टकराव! दुल्हन ने फेंकी माला, दूल्हे ने भी दिया वैसा ही जवाब
Feb 23, 2026 | 11:10 PMझारखंड में उड़ान भरते ही क्रैश हुई एयर एंबुलेंस, विमान में सवार थे 7 लोग, सामने आया हादसे का दर्दनाक VIDEO
Feb 23, 2026 | 11:00 PMहेटमायर का तूफानी पारी, वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को 107 रनों से रौंदा, सुपर-8 में कैरेबियाई टीम की प्रचंड जीत
Feb 23, 2026 | 10:52 PMमऊ में बंदर ने बिल्ली के बच्चे को सीने से लगाया, वीडियो देख लोग भावुक और चिंतित
Feb 23, 2026 | 10:51 PMनेपाल में भी चला BHIM UPI, भारतीय ट्रैवल व्लॉगर ने किया सफल पेमेंट
Feb 23, 2026 | 10:37 PMवीडियो गैलरी

रीवा में पोस्टर वार: ‘ब्रेनलेस और स्टुपिडिटी’ शब्दों से BJP ने कांग्रेस को घेरा; राहुल गांधी पर सीधा हमला
Feb 22, 2026 | 01:07 PM
BHU में ठांय-ठांय, बिरला हॉस्टल के पास छात्र गुटों में भिड़ंत; उठी चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग
Feb 22, 2026 | 12:54 PM
मां के प्यार को तरसा नन्हा बंदर: खिलौने को बनाया सहारा, जापान के ‘पंच’ की रुला देने वाली कहानी हुई वायरल
Feb 21, 2026 | 08:32 PM
AI Summit 2026: दिल्ली की सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर विदेशी मेहमान, अव्यवस्था देख बोले- ‘तभी टैलेंट देश…’
Feb 21, 2026 | 08:23 PM
हाथरस के इस पिता को सलाम! दिव्यांग बेटी के सपनों के लिए अपनी पीठ को बनाया कंधा, देखें यह वायरल VIDEO
Feb 21, 2026 | 03:35 PM
ग्रेटर नोएडा के रयान स्कूल में शर्मनाक लापरवाही! 1 घंटे तक बाथरूम में बंद रही छात्रा, उल्टा लिखवाया माफीनामा
Feb 21, 2026 | 03:29 PM














