साकेत इमारत हादसे में सुप्रीम कोर्ट पहुंची स्टेटस रिपोर्ट, MCD पर लापरवाही का आरोप, अधिकारियों पर गिरेगी गाज!

Supreme Court: साकेत इमारत हादसे पर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एमिकस क्यूरी की स्टेटस रिपोर्ट में दिल्ली नगर निगम (MCD) की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
Saket Building Collapse Case
सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Saket Building Collapse Case: राजधानी दिल्ली के साकेत इलाके में हाल ही में एक इमारत गिर गई थी। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में ट्स रिपोर्ट दाखिल हुई है। जानकारी के मुताबिक, रिपोर्ट में दिल्ली नगर निगम पर लगातार अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के साकेत इलामें इमारत गिरने की दुर्गटना को लेकर सुनवाई की थी। इस दौरान अदालत ने एक एमिकस क्यूरी नियुक्त कर अवैध निर्माण को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। अब एमिकस क्यूरी ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश कर दिया है।

एमिकस क्यूरी ने रिपोर्ट में क्या कहा?

एमिकस क्यूरी ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली नगर निगम (MCD) पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट में एमसीडी पर लगातार अनदेखी करने और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही बिल्डिंग कानूनों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। स्टेटस रिपोर्ट में दिल्ली में अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई, भवन दुर्घटना की जवाबदेही तय करने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी का कहना है कि दिल्ली नगर निगम की लापरवाही की वजह से दिल्ली के साकेत इलाके में बिल्डिंग गिरी, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि दिल्ली की बाकी सभी इमारतों का भी स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए। कोर्ट एमसीडी से जवाब-तलब करे कि यह अवैध इमारत इतने सालों तक कैसे बनती रही। जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई हो। पीड़ित परिवारों को मुआवजे और कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट कोर्ट में दी जाए।

साकेत मेट्रो स्टेशन के पास हुआ था हादसा

बता दें कि 30 मई को साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलाजाब इलाके में बिल्डिंग गिर गई थी। घटना के बाद इलाके में भारी भीड़ और दहशत का माहौल बन गया था। दिल्ली फायर सर्विस को शाम को इसकी जानकारी मिली थी। जिसके बाद तुरंत फायर टेंडर घटनास्थल पर भेजे गए। इसके बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।

आसपास के लोगों को तुरंत सुरक्षित दूरी पर हटाया गया ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। मलबे को हटाने के लिए मशीनों और हाथों दोनों का इस्तेमाल किया गया था। बिल्डिंग पास की एक कैंटीन पर गिरी, जहां कई लोग खाना खा रहे थे। इस घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।

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