कुवांरों को मिलेगी दुल्हन! एनसीपी नेता का वादा…चुनाव जीता तो युवाओं की करवा देंगे मौज
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सियासी माहौल गर्म है। पिछले 5 साल में पार्टियों की तोड़फोड़ के बाद खुद को असली चिन्ह का दावेदार भी साबित करना है, जो इस विधानसभा चुनाव में मिले जनादेश से तय होगा।
- Written By: Saurabh Pal
राजेसाहेब देशमुख (फोटो -सोशल मीडिया)
बीडः महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सियासी माहौल गर्म है। पिछले 5 साल में पार्टियों की तोड़फोड़ के बाद खुद को असली चिन्ह का दावेदार भी साबित करना है, जो इस विधानसभा चुनाव में मिले जनादेश से तय होगा। इस बीच बीड जिले से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के उम्मीदवार राजेसाहेब देशमुख ने एक अनूठा वादा करते हुए संकल्प लिया है।
उन्होंने कहा कि अगर वह 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करते हैं तो वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में कुंवारों का विवाह कराएंगे।
ये भी पढ़ें-जयराम रमेश का देवेंद्र फडणवीस पर पलटवार, कहा- हताशा में संविधान की लाल किताब पर जता रहे आपत्ति
सम्बंधित ख़बरें
Samsung का AI करेगा आपके पालतू जानवर की हेल्थ चेक, फोटो खींचते ही पता चलेगा बीमारी का खतरा
Aaj Ka Rashifal 19 June 2026: कुंभ राशि वालों को अचानक धन लाभ, जानें शुक्रवार का भाग्यफल
Maharashtra MLC Election: महायुति का प्रचंड क्लीन स्वीप! 12 में से 9 सीटों पर भाजपा की बढ़त, बैकफुट पर विपक्ष
गडचिरोली में 6 लोह अयस्क खदानों की मांग, भारत को स्टील निर्यातक बनाने का लक्ष्य
देशमुख का यह संकल्प ग्रामीण महाराष्ट्र में विवाह योग्य आयु के पुरुषों के दुल्हन ढूंढने के संघर्ष के ज्वलंत सामाजिक मुद्दे को उजागर करता है। देशमुख के इस बयान का वीडियो वायरल हो रहा है। उनका बयान स्थानीय युवाओं के सामने रोजगार पाने की चुनौती और इसके परिणामस्वरूप दुल्हन मिलने में होने वाली कठिनाइयों को रेखांकित करता है।
देशमुख ने कहा, ‘‘अगर मैं विधायक बन गया तो सभी कुंवारों का विवाह कराऊंगा। हम युवाओं को काम देंगे। लोग (दुल्हन की तलाश कर रहे व्यक्ति से) पूछते हैं कि क्या उसके पास कोई नौकरी है या क्या उसका कोई व्यवसाय है।” परली में देशमुख के मुख्य प्रतिद्वंद्वी राज्य के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे हैं जो उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता हैं।
ये भी पढ़ें-उल्हासनगर सीट को बचाने के लिए महायुति को करनी होगी मेहनत, सिंधी भाषी मतदाता तय करेंगे उम्मीदवारों की हार-जीत
उन्होंने कहा, ‘‘जब जिले के संरक्षक मंत्री (धनंजय मुंडे) के पास खुद कोई व्यवसाय नहीं है तो युवा क्या उम्मीद कर सकते हैं।” देशमुख इस बात के लिए धनंजय मुंडे की आलोचना करते रहे हैं कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में कोई उद्योग नहीं लगाया। देशमुख के अनुसार, रोजगार के अवसरों की कमी के कारण स्थानीय कुंवारों के विवाह करने में मुश्किल आ रही है। उनके वादे ने ग्रामीण महाराष्ट्र में रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा दिया है, जिससे यह चुनाव प्रचार अभियान के दौरान चर्चा का विषय बन गया है। (एजेंसी इनपुट के साथ)
