

Putin Rashtrapati Bhavan Welcome: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। गुरुवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों नेता एक ही कार में पीएम आवास पहुंचे। शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति भवन में पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ भव्य औपचारिक स्वागत दिया गया। आज 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देश रक्षा, ऊर्जा और व्यापार सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर सहमत होंगे।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां उनका भव्य राजकीय सम्मान किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका औपचारिक स्वागत किया। पुतिन को तीनों सेनाओं द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो किसी भी राष्ट्रप्रमुख को मिलने वाला सर्वोच्च सम्मान होता है। इससे पहले, गुरुवार रात को पीएम मोदी स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे थे और पुतिन को रिसीव कर अपने आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर डिनर के लिए लाए थे। पीएम आवास को भारत और रूस के झंडों तथा विशेष लाइटिंग से सजाया गया था। पीएम मोदी ने 'X' पर पोस्ट कर दोनों देशों की दोस्ती को समय की कसौटी पर खरी बताया।
आज होने वाला 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि यह दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर हो रहा है। उम्मीद है कि आज की बैठकों में रक्षा सहयोग को मजबूत करने के अलावा ऊर्जा, विज्ञान-तकनीक, व्यापार और कनेक्टिविटी से जुड़े करीब 10 सरकारी समझौतों और 15 से अधिक कारोबारी कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। आर्थिक मोर्चे पर, दोनों देशों के सामने बढ़ते ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटा) की बड़ी चुनौती है, जो रूसी तेल आयात में वृद्धि के कारण और बढ़ गया है। इसीलिए बैठक में भारतीय निर्यात को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि रूसी बाजार में फार्मा, ऑटो, कृषि और मरीन सेक्टर में भारत की पहुंच बढ़ सके। दोनों देश 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य की भी घोषणा कर सकते हैं।
कूटनीतिक नजरिए से भी यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भी इस मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत और रूस ने मिलकर दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया है कि पश्चिमी प्रतिबंधों और दबावों के बावजूद दोनों में से कोई भी देश अलग-थलग नहीं है और इन दबावों के सफल होने की संभावना बहुत कम है।
औपचारिक स्वागत के बाद, पुतिन हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी के साथ व्यापक वार्ताएं करेंगे और शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मुलाकात के बाद यह महत्वपूर्ण यात्रा अपने निर्णायक पड़ाव पर पहुंचेंगे। यह शिखर सम्मेलन बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था में भारत और रूस के मजबूत संबंधों को एक नई दिशा देगा।