अमेरिका ने जी-20 से दक्षिण अफ्रीका को किया ऑउट, पुतिन के इस बड़े दुश्मन को किया शामिल, मचा बवाल

G-20 Summit 2026: अगले साल मियामी में जी-20 शिखर सम्मेलन में अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका को आमंत्रित नहीं किया। अमेरिका आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और नवाचार पर केंद्रित रहेगा।
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अमेरिका ने जी-20 2026 से दक्षिण अफ्रीका को बाहर किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Expels South Africa From G20: अमेरिका ने अगले 2026 में मियामी में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका को बाहर कर  दिया है। अमेरिका ने इस हफ्ते जी-20 की अध्यक्षता संभाली है और अपनी अगली बैठक से दक्षिण अफ्रीका को बाहर रखने का फैसला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण अफ्रीका की सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अमेरिका के खिलाफ है और जी-20 के आर्थिक उद्देश्य को कमजोर कर रही है। 

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने बताया कि अमेरिका जी-20 को मूल आर्थिक विकास के मुद्दों पर केंद्रित करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका केवल उन देशों को आमंत्रित करेगा जिन्हें वह दोस्त, पड़ोसी या साझेदार मानता है। इसमें पोलैंड को भी शामिल किया जाएगा। रूबियो ने पोलैंड को एक ऐसा देश बताया जो सुधार अपनाने और भविष्य पर ध्यान देने में सफल है।

दक्षिण अफ्रीका में भ्रष्टाचार और अराजकता

दक्षिण अफ्रीका की सरकार की भी कड़ी आलोचना की गई। रूबियो ने कहा कि मंडेला युग के बाद वहां की सरकार ने सामंजस्य के बजाय पुनर्वितरण की नीति अपनाई, जिससे निवेश कम हुआ और देश के सबसे प्रतिभाशाली लोग विदेश चले गए। उन्होंने कहा कि जातीय कोटा ने निजी क्षेत्र को कमजोर कर दिया और भ्रष्टाचार ने राज्य को दिवालिया कर दिया। यही वजह है कि दक्षिण अफ्रीका दुनिया की 20 सबसे बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस साल दक्षिण अफ्रीका की जी-20 अध्यक्षता ने नफरत, बंटवारा और कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया। इसके दौरान जलवायु परिवर्तन, विविधता, समावेशन और सहायता जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया। अमेरिका के अनुसार, प्रिटोरिया ने अमेरिका और अन्य देशों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया और बातचीत में अमेरिकी अधिकारियों की जानकारी लीक की।

क्या होगा जी-20 2026 का एजेंडा?

रूबियो ने कहा कि अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ पर नवाचार, उद्यमिता और दृढ़ता को महत्व देगा। अमेरिकी अध्यक्षता के दौरान रेगुलेटरी बोझ घटाने, सुरक्षित और किफायती ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने और नई तकनीक व नवाचार को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जाएगा।

रूबियो ने एएनसी पर हिंसा के प्रति सहिष्णुता रखने, ईरान और हमास समर्थकों के साथ संबंध रखने और अमेरिका के विरोधियों के साथ घनिष्ठता बनाए रखने का भी आरोप लगाया। इसी कारण, ट्रंप और अमेरिका दक्षिण अफ्रीकी सरकार को आमंत्रित नहीं करेंगे।

एजेंसी इनपुट के साथ-

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