पवन खेड़ा को भारी पड़ी 3 पासपोर्ट वाली टिप्पणी! गिरफ्तारी की तलवार लटकी, SC ने सुरक्षित रखा फैसला तो छलका दर्द
Pawan Khera Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भावुक हुए पवन खेड़ा भावुक हो गए। असम के सीएम की पत्नी के पासपोर्ट पर टिप्पणी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा।
- Written By: प्रिया जैस
पवन खेड़ा (फोटो सौजन्य-IANS)
Pawan Khera Anticipatory Bail: एक पासपोर्ट पर की गई टिप्पणी अब पवन खेड़ा को बहुत भारी पड़ती नजर आ रही है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पासपोर्ट पर टिप्पणी की थी, जो कि अब उन्हीं पर भारी पड़ रही है। गुरुवार को अपनी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को पवन खेड़ा के आंसू छलके। पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उन्हें गिरफ्तार करके इस तरह जलील करने की जरूरत नहीं थी।
दरअसल, पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन पासपोर्ट हैं। इन आरोपों के रिंकी भुइंया सरमा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में पवन खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। केस दर्ज होने के बाद पवन खेड़ा भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए, जहां गुरुवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। पवन खेड़ा ने अदालत को बताया कि यदि उन्हें असम में अपने खिलाफ दर्ज मामले में अग्रिम जमानत नहीं मिलती है तो गिरफ्तारी-पूर्व जमानत का अर्थ ही ही समाप्त हो जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट से क्या बोले पवन खेड़ा?
पवन खेड़ा की सुनवाई जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल चांदुरकर की बेंच ने की। इस मामले में उन्होंने गुवाहाटी हाई कोर्ट से उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी थी। पवन खेड़ा के वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह मामला अपनी तरह का पहला मामला है। पवन खेड़ा ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के मूल्यों का हवाला देते हुए सिंघवी ने आगे तर्क दिया कि हिमंता बिस्वा सरमा ने खेड़ा के खिलाफ जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, उन्हें सुनकर वह महान नेता अपनी कब्र में करवटें बदलने लगेंगे।
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सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
लाइवलॉ की एक रिपोर्ट के अनुसार, पवन खेड़ा के वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अगर डॉ. अंबेडकर ने यह कल्पना की होती कि कोई संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति किसी ‘संवैधानिक काउबॉय’ या ‘संवैधानिक रैम्बो’ की तरह बात करेगा, तो वे अपनी कब्र में करवटें बदलते।
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वकील ने आगे कहा कि यह सुनिश्चित करने उपाय पर्याप्त है कि कहीं पवन थेड़ा भाग न जाए और जांच में सहयोग करें, लेकिन उन्हें गिरफ्तार करने की कोई जरूरत नहीं थीं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और आगे किसी तारीख को इसका फैसला सुनाया जाएगा।
पवन खेड़ा के खिलाफ केस
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ मानहानि के आरोप में FIR दर्ज की गई थी। पवन खेड़ा ने हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां के पास तीन पासपोर्ट भारत, यीएई और मिस्त्र के होने का आरोप लगाया था। यह आरोप उन्होंने गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लगाए थे। उन्होंने कहा था कि भुइयां के पास दुबई में कुछ आलीशान प्रॉपर्टीज हैं, जिनके बारे में जानकारी नहीं दी गई। साथ ही रिंकी भुइंया की अमेरिका के व्योमिंग राज्य में एक कंपनी होने का भी दावा किया था।
