NEET UG 2026 Re-Exam: 21 जून को दोबारा होगी परीक्षा, जानें छात्रों के लिए क्या है सरकार का 'एक्शन प्लान'

NEET UG 2026 Re-Exam Government Plan: नीट UG 2026 की दोबारा परिक्षा 21 जून को होने वाली है। इस परीक्षा में छात्रों को कई विशेष सुविधाएं मिलेंगी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे।
NEET UG 2026 Re-exam: Exam to be held again on June 21; find out the government's 'action plan' for students.
सांकेतिक फोटो ( सो. एआई)
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NEET UG 2026 Re-Exam Latest News In Hindi: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET UG 2026 की दोबारा परिक्षा 21 जून 2026 को होने जा रही है। जिसको लेकर सरकार ने पूरी तरह तैयार हो गई है। सरकार अब इस परीक्षा को लेकर किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती है, सरकार का आगे कहना है कि परीक्षा माफिया व पेपर लीक को लेकर जीरो टालरेंस की नीति है। छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा।

38 दिनों के भीतर ऐतिहासिक निर्णय

आमतौर पर नीट जैसी  परीक्षा को आयोजित करने में लगभग 6 महीने का समय लगता है, लेकिन सरकार ने छात्र हित को सर्वोपरि रखते हुए मात्र 38 दिनों के भीतर ही पूरी प्रक्रिया को दोबारा पूरा कराने जा रही है। 12 मई को परीक्षा रद्द करने के बाद, 15 मई को पुनः परीक्षा की घोषणा की गई और अब 21 जून की तिथि निर्धारित की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य 23 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करना और मेडिकल शिक्षा सत्र को बिना किसी देरी के समय पर शुरू करना है।

छात्रों पर नहीं पड़ेगा आर्थिक बोझ

सरकार ने बताया कि दोबारा आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। इतना ही नहीं, सरकार ने पहले जमा की गई फीस को भी छात्रों को वापस करने का निर्णय लिया है, ताकि उन पर और उनके परिवारों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए परिवहन सुविधाओं में आने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।

परीक्षा प्रक्रिया में बड़े सुधार

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। इस बार OMR शीट भरने में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से यह परीक्षा एक 'Whole-of-Government' प्रयास है, जिसमें 5 लाख से अधिक कर्मी, 2 लाख से अधिक इनविजिलेटर और प्रत्येक केंद्र पर मजिस्ट्रेट व पुलिस बल तैनात रहेंगे। संवेदनशील सामग्री की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की मदद ली जाएगी।

AI और CCTV से होगी डिजिटल निगरानी

आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए पूरे देश के परीक्षा केंद्रों पर 1,00,000 से अधिक CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉनिटरिंग और मल्टी-लेवल सर्विलांस शामिल होगा। साथ ही, प्रत्येक अभ्यर्थी का प्रवेश द्वार पर ही आधार-वेरिफिकेशन किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच का जिम्मा CBI को सौंपा गया है ताकि किसी भी मेहनती छात्र का भविष्य परीक्षा माफियाओं के कारण प्रभावित न हो।

विपक्षी दलों से सहयोग की अपील

बीते वर्षों (2004-2014) में हुए पेपर लीक के उदाहरणों (जैसे AIIMS PG 2006, CLAT 2009 और AIEEE 2011) का जिक्र करते हुए सरकार ने वर्तमान सुधारों को ऐतिहासिक बताया है। भाजपा सरकार ने विपक्ष और विपक्षी नेताओं से इस संवेदनशील मामले में सकारात्मक भूमिका निभाने और समाधान की दिशा में सहयोग करने की अपील की है।

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