

Akola NEET Scam Investigation: देश में हुए NEET पेपर लीक प्रकरण के आरोपी मोटेगांवकर के अकोला स्थित तोष्णीवाल लेआउट परिसर के आर।सी।सी। मोटेगांवकर क्लास का साहित्य और रिकॉर्ड बिना अनुमति दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने के खिलाफ वंचित बहुजन युवा आघाड़ी और महिला आघाड़ी ने प्रदेश महासचिव राजेंद्र पातोडे के नेतृत्व में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
मोटेगांवकर के खिलाफ सर्वोच्च जांच संस्थाएं पहले से ही जांच कर रही हैं। समिति ने मांग की है कि पेपर लीक, बेनामी संपत्ति और छात्रों के रिकॉर्ड गायब करने में सहयोग करने वालों को भी सहआरोपी बनाया जाए। जांच के दौरान यह सामने आया कि क्लास की संपत्ति, कंप्यूटर, शैक्षणिक साहित्य और छात्रों के रिकार्ड अन्य इमारतों में स्थानांतरित किए जा रहे हैं। इससे संभावित सबूत नष्ट करने या जांच में बाधा डालने का प्रयास माना जा रहा है। सिविल लाइन पुलिस ने दो बार नोटीस देने के बावजूद संबंधित लोगों ने रिकॉर्ड और साहित्य दूसरी जगह शिफ्ट किया।
कुछ अभिभावकों ने शिकायत की है कि क्लास में प्रवेश के लिए जमा की गई फीस वापस नहीं की जा रही है। वैष्णवी पारधी और राधिका माहुरी ने कार्यालय से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कार्यालय उपलब्ध नहीं था और फीस वापसी पर कोई स्पष्टता नहीं दी गई। वंचित बहुजन आघाड़ी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच की जाए और जांच के दौरान सबूत व संपत्ति स्थानांतरित किए जाने के आरोपों की पुष्टि की जाए।
इस अवसर पर केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्या अरुंधती शिरसाट, युवक आघाड़ी जिलाध्यक्ष श्रीकांत घोगरे, इंजीनियर धीरज इंगले, जिला महासचिव राजकुमार दामोदर, वंदना वासनिक, दादाराव पवार, सुगत डोंगरे, आशिष रायबोले, जिया शाह, मिलिंद दामोदर, सम्राट तायडे, अक्षय राउत, जय तायडे, आकाश जंजाल, शुभम साऊथकार, अमोल वानखडे, साहिल बोदडे, प्रदीप इंगले, महेंद्र शिरसाट, आनंद शिरसाट, अंकुश बलखंडे सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।