

जम्मु : जहां बीते सोमवार को कठुआ के बदनोटा इलाके में भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने एक गश्ती दल पर घात लगाकर हमला किया गया था। वहीं इस कायराना हमले में पांच जवान मारे गए थे और कई घायल भी हो गए थे। इस हमलें को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ। फारूक अब्दुल्ला ने भी अपना बयान दिया है।
भारतीय सेना के काफिले पर आतंकवादियों की ओर से किए गए इस हमले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ। फारूक अब्दुल्ला ने आज पत्रकारों से कहा, "सारी दुनिया में इसकी निंदा हो रही है। ये पूरी तरह से गलत हरकत है। दुनिया का कोई देश आतंकवाद को कबूल करने के लिए तैयार नहीं है। ये आतंकवाद उन्हें (पाकिस्तान) बर्बाद कर देगा। जब आतंकवाद बंद होगा तब ही बातचीत शुरू होगी। आतंकवाद और बातचीत ये दोनों चीजें कभी एक साथ नहीं चल सकती। उन्हें इस बारे में सख़्त से सख्त कदम उठाने चाहिए।”
जानकारी दें कि जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में सेना के एक गश्ती दल पर बीते सोमवार को घात लगाकर हमला करने वाले आतंकवादियों को पकड़ने के लिए आज एक व्यापक सर्च अभियान शुरू किया है। इस हमले में पांच वीर जवान शहीद हो गए थे। इस सर्च अभियान में अब जमीनी खोज दल हेलीकॉप्टर और UAV निगरानी के साथ तलाशी कर रहे हैं। इसमें खोजी श्वान दलों और ‘मेटल डिटेक्टर' की मदद भी ली जा रही है। इस क्षेत्र में घने जंगलों में तलाश अभियान चलाया जा रहा है।
गौरतलब है कि कठुआ जिले के माचेडी इलाके में बीते सोमवार को सेना के एक ट्रक पर घात लगाकर किये गए आतंकवादियों के कायराना हमले में एक JCO समेत 5 जवान शहीद हो गए और पांच अन्य घायल हुए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इस हमले को तीन से चार आतंकवादियों ने अंजाम दिया होगा जिनमें ज्यादातर विदेशी और भाड़े के हत्यारे थे। ये आतंकवादी उसी समूह का हिस्सा बताए जा रहे हैं जो बसनगढ़ हमले में भी शामिल थे।
जानकारी दें कि बसनगढ़ के पनारा गांव में बीते 28 अप्रैल को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में एक ग्राम रक्षा प्रहरी मोहम्मद शरीफ की मौत हुई थी। सुरक्षा बलों को बीते जून में भी कठुआ जिले के बानी, डग्गर और किंडली इलाकों के ऊपरी क्षेत्रों में एक आतंकवादी समूह की गतिविधियों का पता चला था और तब भी ऐसे ही तलाशी अभियान चलाया गया था।
(एजेंसी इनपुट के साथ)