- Hindi News »
- India »
- Jyotiraditya Scindia 55th Birthday Special Political Journey Congress To Bjp Gwalior Royal Family History
जन्मदिन विशेष: वो कांग्रेसी जिसने मध्य प्रदेश में BJP को कर दिया अजेय, PM मोदी ने दिया रिटर्न गिफ्ट
Jyotiraditya Scindia: देश की रॉयल फैमिली में शुमार ग्वालियर के सिंधिया परिवार का हमेशा से दबदबा रहा है। आज इसी परिवार के मुखिया और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं।
- Written By: अभिषेक सिंह

ज्योतिरादित्य सिंधिया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Jyotiraditya Scindia Birthday: कभी कांग्रेस के ‘युवा तुर्क’ और अब भारतीय जनता पार्टी की सियासत के सबसे कद्दावर चेहरों में से एक बन चुके ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए राजनैतिक दृष्टिकोण से पिछले दो साल बेहद महत्वपूर्ण और उपलब्धियों भरे रहे हैं।
अगर किसी राजघराने का मध्य प्रदेश की राजनीति और जनमानस पर सबसे ज्यादा प्रभाव रहा है, तो वह ग्वालियर का सिंधिया परिवार ही है। वर्तमान में इसी प्रतिष्ठित परिवार से आने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया इस वक्त मध्य प्रदेश के सबसे बड़े और प्रभावशाली राजनेताओं में से एक माने जाते हैं। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने के बावजूद केंद्र की राजनीति में इनका रौब और रुतबा न केवल कायम है, बल्कि उसमें बढ़ोतरी ही हुई है।
समय के साथ बढ़ा ज्योतिरादित्य का रुतबा
माधवराव सिंधिया के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया का जन्म 1 जनवरी 1971 को मुंबई में हुआ था। उन्हें सियासत विरासत में मिली थी, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से अपनी अलग पहचान बनाई है। भारतीय राजनीति में सिंधिया परिवार उन चुनिंदा परिवारों में से एक है, जिसके पास राजशाही विरासत होने के साथ ही लोकतंत्र में भी रसूख और जनता का प्यार कायम है। सिंधिया चाहे कांग्रेस में रहे हों या फिर भाजपा में, उनका रुतबा हमेशा कायम रहने के साथ ही समय के साथ बढ़ता गया है।
सम्बंधित ख़बरें
Mohanlal Birthday: 25 हिट फिल्मों का रिकॉर्ड बनाने वाले सुपरस्टार, रेसलिंग चैंपियन से ऐसे बने सिनेमा के भगवान
8 साल की उम्र में शुरू हुआ सफर, 13 की उम्र में मिला नेशनल अवॉर्ड, ऐसे बने Junior NTR टॉलीवुड के सुपरस्टार
विजय को CM बने 10 दिन भी नहीं हुए पूरे, इस सहयोगी पार्टी ने दी समर्थन वापस लेने की धमकी, क्या करेंगे थलापति?
Navabharat Nishanebaaz: अगले चुनाव की अभी से तैयारी, सचमुच बीजेपी की महिमा न्यारी
कैसे सियासत में उतरे ज्योतिरादित्य?
पिता माधवराव सिंधिया की आकस्मिक मृत्यु के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस के जरिए सियासत में कदम रखा और एक लंबी पारी खेली। लेकिन साल 2020 में उन्होंने मध्य प्रदेश की सियासत में सबसे बड़ा और ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन किया, जो प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। या यूं कहें कि उनके इस परिवर्तन ने ही मध्य प्रदेश में भाजपा को अब तक ‘अजेय’ बना दिया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया परिवार (सोर्स- सोशल मीडिया)
ज्योतिरादित्य के निजी जीवन की बात करें तो उनके परिवार में उनकी पत्नी प्रियदर्शिनी राजे, एक बेटा महाआर्यमन सिंधिया और एक बेटी अनन्या राजे हैं। ज्योतिरादित्य की पत्नी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया वड़ोदरा के गायकवाड़ राजघराने की बेटी हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, सिंधिया के कई अहम राजनीतिक फैसलों में उनकी पत्नी का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। यहां यह भी जानना दिलचस्प है कि प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया दुनिया की 50 सबसे खूबसूरत महिलाओं की सूची में भी शामिल रह चुकी हैं, जो उनकी शख्सियत को और खास बनाता है।
ज्योतिरादित्य ने कांग्रेस से बगावत क्यों की?
वर्ष 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की यादें अभी भी ताजा हैं। उस वक्त जब राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था। जनता और समर्थकों को उम्मीद थी कि कमान उनके हाथ में होगी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने सिंधिया की जगह कमलनाथ को मुख्यमंत्री बना दिया। यहीं से सिंधिया और कमलनाथ के बीच तल्खी बढ़ने लगी। यह नाराजगी धीरे-धीरे इतनी बढ़ गई कि आखिरकार 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कांग्रेस का दामन छोड़ दिया और 11 मार्च 2020 को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।
2023 में बीजेपी को मिली प्रचंड जीत
यह केवल एक नेता का दल बदलना नहीं था, बल्कि उनके साथ उनके समर्थक 22 विधायकों ने भी कांग्रेस छोड़ दी। इसके चलते कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद राज्य में फिर से भाजपा की सरकार बनी और शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने। वहीं, बाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया मोदी सरकार की टीम का एक अहम और अटूट हिस्सा बन गए। साथ ही भाजपा ने उसके बाद 2023 में हुए चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज की।
यह भी पढ़ें: पुण्यतिथि विशेष: वह राजनेता जो 26 साल की उम्र में बना सांसद, अटल बिहारी वाजपेयी को भी दी शिकस्त
भाजपा में शामिल होने के बाद सिंधिया के लिए 7 जुलाई 2021 का दिन उनके करियर का एक और मील का पत्थर साबित हुआ। यह दिन उनके लिए सबसे खास रहा क्योंकि इसी दिन उन्हें मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में जगह मिली। उन्हें नागरिक उड्डयन जैसे बेहद अहम और प्रतिष्ठित मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि यहां भी सिंधिया को एक तरह से विरासत ही मिली, क्योंकि उनके पिता माधवराव सिंधिया भी अपने समय में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मंत्री रह चुके थे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया का सियासी सफर
एक नजर उनके अब तक के शानदार राजनीतिक सफर पर डालें तो पता चलता है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार साल 2002 में लोकसभा का उपचुनाव जीतकर सांसद बने थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और 2002, 2004, 2009 और 2014 तक लगातार 4 बार लोकसभा चुनाव जीतकर अपनी लोकप्रियता साबित की। यूपीए-2 सरकार में वे ऊर्जा राज्य मंत्री रहे और चौदहवीं लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक की भूमिका भी निभाई। 2018 के विधानसभा चुनाव में वे कांग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष थे और पार्टी के महासचिव पद पर भी रहे। भाजपा में आने के बाद वे पहली बार राज्यसभा सांसद बने और 6 जुलाई को कैबिनेट मंत्री बनाए गए।
यह भी पढ़ें: जन्मदिन विशेष: पिता की मौत, कांग्रेस से बगावत और जेल का सफर, फिर भी CM बनने से नहीं रोक पाई कोई ताकत
वर्तमान में ज्योतिरादित्य सिंधिया केन्द्र की मोदी सरकार में टेलीकॉम मिनिस्टर के तौर पर मौजूद हैं। इसके साथ ही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। भी वे मोदी टीम के अहम सदस्यों में से एक हैं, जिनके पास कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी है। उन्हें पीएम मोदी के साथ-साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की टीम का भी एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जा रहा है।
Jyotiraditya scindia 55th birthday special political journey congress to bjp gwalior royal family history
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
कर्नाटक BJP अध्यक्ष को लेकर जल्द होगा खुलासा, पर्यवेक्षकों ने दिल्ली में सौंपी रिपोर्ट, इन नामों पर चर्चा तेज
May 23, 2026 | 09:00 AMअशोक खरात मामले में हुआ बड़ा खुलासा, डर का माहौल पैदा कर करता था बड़ी रकम की वसूली
May 23, 2026 | 09:00 AMGreen Card Rule: अमेरिका का नया और सख्त नियम, ग्रीन कार्ड के लिए अब वापस लौटना होगा स्वदेश
May 23, 2026 | 08:55 AM‘नवभारत सोशल इम्पैक्ट समिट 2026’ में बोले चंद्रकांत पाटिल, समाजसेवा को बताया सच्ची ऋषि परंपरा
May 23, 2026 | 08:43 AMIvanka Trump Assassination: इवांका ट्रंप को मारने की फिराक में था ईरानी आतंकी अल-सादी, साजिश का बड़ा पर्दाफाश
May 23, 2026 | 08:35 AMनागपुर में पुरानी रंजिश में खूनी खेल, नंदनवन में युवक की पत्थर से कुचलकर हत्या; शहर में दहशत
May 23, 2026 | 08:34 AMYavatmal जिले में महावितरण के अधीक्षक अभियंता प्रवीण दरोली का तबादला, बढ़ती शिकायतों के बाद कार्रवाई
May 23, 2026 | 08:29 AMवीडियो गैलरी

धरने पर बैठीं और दर्ज हो गया केस! जानिए क्यों अचानक कानूनी विवादों में घिरीं सपा सांसद इकरा हसन- VIDEO
May 22, 2026 | 11:01 PM
मर्द भी रोते हैं… मुंबई बोरीवली स्टेशन पर दिखा भावुक कर देने वाला वीडियो, अब हो रहा वायरल
May 22, 2026 | 02:36 PM
‘जब तक दुनिया, कुर्बानी होगी…’ सुवेंदु अधिकारी को हुमायू कबीर ने दी सीधी चेतावनी, कहा- नहीं रूकेगी परंपरा
May 22, 2026 | 02:32 PM
PM Modi Meeting: विदेश से लौटते ही Action में पीएम मोदी! क्या होंगे 5 बड़े फैसले? VIDEO
May 21, 2026 | 09:57 PM
Gold Price Today: सोना-चांदी में लगी आग या सस्ता है बाजार, जानें आपके मार्केट का हाल, Video
May 21, 2026 | 02:27 PM
डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट! बंगाल में लागू हुआ पुशबैक प्लान, घुसपैठियों पर होगा तगड़ा एक्शन- VIDEO
May 21, 2026 | 01:58 PM














