इजरायली पर्यटक से गैंगरेप और हत्या, कर्नाटक कोर्ट ने 3 दोषियों को सुनाई फांसी; बताया ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’
Israeli Tourist Gang Rape: कर्नाटक के कोप्पल में इजरायली पर्यटक और होमस्टे मालकिन के साथ हुई दरिंदगी के मामले में कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। तीन दोषियों को मौत की सजा दी गई है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Koppal Rape Case Verdict: देश को झकझोर देने वाले इजरायली महिला पर्यटक और एक होमस्टे मालकिन के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्याय हुआ है। कर्नाटक के कोप्पल जिले के गंगावती स्थित सत्र न्यायालय ने इस जघन्य अपराध के लिए तीन दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। न्यायाधीश सदानंद नागप्पा नायक ने इस मामले को समाज के लिए कलंक और ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ श्रेणी का माना जिसके लिए कानून में अधिकतम सजा का प्रावधान है।
महज 100 रुपये के लिए हैवानियत
यह खौफनाक वारदात 26 मार्च, 2025 की रात को हुई थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 वर्षीय होमस्टे मालकिन अपने चार पुरुष मेहमानों और एक इजरायली महिला पर्यटक के साथ डिनर करने के बाद तुंगभद्रा लेफ्ट बैंक नहर के किनारे तारों को देखने और संगीत सुनने गई थीं। इसी दौरान मल्लेश उर्फ हांडीमल्ला, साई और शरणप्पा नामक तीन युवक मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे।
आरोपियों ने पहले उनसे पेट्रोल के बारे में पूछताछ की और फिर इजरायली महिला से 100 रुपये की मांग करने लगे। जब पर्यटकों ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो आरोपियों ने हमला कर दिया। जब साथ आए तीन पुरुष मेहमानों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो बदमाशों ने उन्हें नहर में धक्का दे दिया। इसके बाद आरोपियों ने होमस्टे मालकिन और इजरायली महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उनकी हत्या कर दी।
सम्बंधित ख़बरें
सिंधु जल संधि पर भारत का पाकिस्तान को कड़ा जवाब, हेग कोर्ट का फैसला खारिज; कहा- ‘अवैध’ है यह पूरी प्रक्रिया
Farakka Treaty: फरक्का संधि पर अड़ा बांग्लादेश, भारत से संबंध सुधारने के लिए रखी नई शर्त
नीदरलैंड के बाद आज स्वीडन पहुंचेंगे PM मोदी, आठ साल बाद होने जा रहा है दौरा, जानिए किन मुद्दों पर रहेगा फोकस
India Netherlands Pacts: पीएम मोदी और नीदरलैंड के पीएम जेटन ने कई अहम समझौतों पर किये हस्ताक्षर
अदालत का कड़ा रुख
घटना के बाद तुरंत एफआईआर दर्ज की और पीड़ितों के मेडिकल टेस्ट के आधार पर पुख्ता सबूत जुटाए। सत्र न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पाया कि जिस क्रूरता के साथ इस अपराध को अंजाम दिया गया वह मानवीय संवेदनाओं के परे है। दोषियों की पहचान मल्लेश, साई और शरणप्पा के रूप में हुई है।
यह भी पढ़ें:- मुंबई में सजेगा कूटनीति का मंच: कल PM मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों की होगी मुलाकात, जानें पूरा शेड्यूल
अदालत ने कहा कि विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और महिलाओं के प्रति ऐसे जघन्य अपराधों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। इस फैसले ने न केवल पीड़ित परिवारों को न्याय दिया है बल्कि अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करने के लिए एक मिसाल कायम की है। इस मामले ने अपनी क्रूरता के कारण पूरे देश में सनसनी फैला दी थी और इसकी व्यापक निंदा हुई थी।
