संसद का दूसरा चरण आज से शुरू (Image- Social Media)
Parliament Budget Session Second Phase: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू होने जा रहा है और इसके दौरान सदन में हंगामे की संभावना जताई जा रही है। इस चरण में लोकसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए उस प्रस्ताव पर चर्चा होनी है, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने की मांग की गई है। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का मुद्दा भी प्रमुखता से उठ सकता है। विपक्ष पहले से ही ईरान के प्रति सरकार के रुख, भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा दी गई “छूट” और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमला कर रहा है।
रविवार शाम जारी लोकसभा की 9 मार्च की संशोधित कार्यसूची के अनुसार विदेश मंत्री एस. जयशंकर सदन में ‘पश्चिम एशिया की स्थिति’ पर बयान देंगे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में एसआईआर के कारण करीब 60 लाख नाम हटाए जाने का मुद्दा भी संसदीय कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है। वहीं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए शुल्क के खिलाफ दिए गए फैसले के बाद भारत-अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर भी विपक्ष सरकार से सवाल पूछ सकता है।
बजट सत्र के दूसरे चरण में वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों और वित्त विधेयक, 2026 को पारित कराने पर विशेष जोर रहेगा। इस विधेयक में एक फरवरी को पेश केंद्रीय बजट के सभी कर प्रस्ताव शामिल हैं। संसद के दोनों सदन पांच-पांच मंत्रालयों के कामकाज और उनसे संबंधित अनुदान की मांगों पर भी चर्चा करेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कई विपक्षी नेताओं ने पेश किया है। विपक्ष का आरोप है कि उन्होंने सदन की कार्यवाही में “स्पष्ट रूप से पक्षपातपूर्ण” रवैया अपनाया। साथ ही यह भी कहा गया कि बिरला ने कुछ “अप्रत्याशित कदम” उठाए और कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ झूठे आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब के लिए सदन में न आने का अनुरोध किया। नोटिस दिए जाने के बाद बिरला ने स्वयं को सदन की कार्यवाही से अलग कर लिया था। लोकसभा सचिवालय ने कहा था कि वह एजेंडा के निपटारे के बाद ही वापस आएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिरला का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सभी सांसदों को साथ लेकर चलने की कोशिश की है और वे संविधान तथा संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। इस सत्र में अविश्वास प्रस्ताव के अलावा ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ा है, जिस पर विपक्ष सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठा सकता है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद एसआईआर से जुड़ा मुद्दा उठाने की तैयारी में हैं, जबकि भाजपा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान कथित “प्रोटोकॉल उल्लंघन” का मामला उठा सकती है।
सरकार द्वारा विद्युत संशोधन विधेयक पेश किए जाने की भी संभावना है। इसके अलावा सत्र के पहले चरण से लंबित अन्य विधायी कार्यों पर भी चर्चा की जाएगी। सोमवार की कार्यसूची में अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विदेश मंत्री जयशंकर का बयान शामिल है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने सांसदों को चर्चा के दौरान सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है।
विपक्षी दल सोमवार सुबह 10 बजे राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में रणनीति बैठक करेंगे। हालांकि संख्या बल सरकार के पक्ष में होने के कारण प्रस्ताव के खारिज होने की संभावना है। कांग्रेस ने 118 सांसदों द्वारा दिए गए नोटिस पर बहस की मांग की है, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने भी प्रस्ताव का समर्थन करने की बात कही है।
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संभावना है कि सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच लोकसभा में प्रश्नकाल न हो, क्योंकि सदन की कार्यवाही शिलांग से सांसद रिकी सिंग्कॉन को श्रद्धांजलि देने के लिए स्थगित की जा सकती है, जिनका 19 फरवरी को निधन हो गया था।