
पिनाका की टेस्टिंग करता डीआरडीओ। इमेज-सोशल मीडिया
Indian Defence Capability: साल 2025 में दिसंबर का आखिरी पखवाड़ा भारत के रक्षा इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। देश ने बहुत कम समय में सैन्य क्षमता को कई गुना बढ़ाने वाले 4 प्रमुख मिसाइल सिस्टम्स का सफल परीक्षण किया है। यह सिर्फ तकनीक का प्रदर्शन नहीं, बल्कि दुनिया के लिए कड़ा संदेश है कि भारत अब हर मोर्चे पर दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। इन परीक्षणों की शुरुआत 23 दिसंबर को K-4 और आकाश-NG हथियार के परीक्षण के साथ हुई। साल के आखिरी दिन 31 दिसंबर को प्रलय मिसाइल के सफल टेस्ट के साथ इसका समापन हुआ।
खास बात है कि ये सभी मिसाइलें भारत में विकसित की गई हैं। इनमें पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली परमाणु मिसाइल से आसमान में दुश्मन के विमान को पलक झपकते ध्वस्त करने वाले हथियार शामिल हैं। इन परीक्षणों ने देश की आत्मनिर्भरता को और मजबूत कर दिया है।
प्रलय मिसाइल का प्रहार: साल के आखिरी दिन प्रलय (Pralay) मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। यह एक क्वाजी-बैलिस्टिक मिसाइल है। इसका मतलब है कि यह हवा में अपना रास्ता बदल सकती है। इससे दुश्मन के डिफेंस सिस्टम के लिए इसे पकड़ना लगभग नामुमकिन हो जाता है। यह 350-500 किलोमीटर की दूरी तक हमला कर सकती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसे मोबाइल लॉन्चर से कहीं भी ले जाकर दागा जा सकता है। यह सीमा पर तैनात दुश्मन के बंकरों और सैन्य ठिकानों को पलक झपकते मिट्टी में मिला सकती है।
पिनाका LRGR-120 का घातक अवतार: 29 दिसंबर को भारत ने रॉकेट सिस्टम पिनाका (Pinaka LRGR-120) के नए वर्जन का टेस्ट किया। यह एक लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट है। यह अब 120 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगा सकता है। यह गाइडेड रॉकेट है। यह कम खर्चे में बड़ी तबाही मचाने का सबसे सटीक हथियार है।
K-4 समंदर की गहराई से परमाणु बवंडर: 23 दिसंबर को भारत ने सबसे गुप्त और शक्तिशाली मिसाइल K-4 का सफल परीक्षण किया। यह SLBM यानी Submarine-Launched Ballistic Missile है। इसे पनडुब्बी से दागा जाता है। इसकी मारक क्षमता 3,500 किलोमीटर है। यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। समंदर में छिपी पनडुब्बी से इसे दागने का मतलब है कि दुश्मन को पता भी नहीं चलेगा कि हमला कहां से हुआ है। यह भारत की सेकंड स्ट्राइक क्षमता को बहुत मजबूत बनाती है।
आकाश-NG बना आसमान का नया पहरेदार: 23 दिसंबर को भारत ने आकाश-NG यानी Akash Next-Generation मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह सतह से हवा में मार करने वाली अत्याधुनिक मिसाइल है। यह 70-80 किलोमीटर दूर उड़ रहे दुश्मन के फाइटर जेट, ड्रोन या मिसाइल को हवा में खत्म कर सकती है। इसमें लगा आधुनिक सीकर दुश्मन को खोज निकालता है। यह बहुत फुर्तीली और तेज रफ्तार वाले लड़ाकू विमानों का काल है।
The maiden flight test of Pinaka Long Range Guided Rocket (LRGR 120) was conducted successfully at ITR, Chandipur today. Raksha Mantri Shri @rajnathsingh has congratulated @DRDO_India and other stakeholders on this achievement. pic.twitter.com/SAIL8jj8KI — रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) December 29, 2025
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इतने कम समय में 4 अलग-अलग तरह के हथियारों का टेस्ट करना भारतीय रक्षा मंत्रालय और DRDO की बड़ी जीत है। इन परीक्षणों से जमीन (प्रलय और पिनाका), समंदर (K-4) और हवा (आकाश-NG) तीनों जगह भारत का सुरक्षा चक्र पूरा हो गया है। ये सभी सिस्टम भारत में बने हैं। इससे हमें युद्ध के समय दूसरे देशों के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसे में 10 दिनों में इतने सफल टेस्ट बताते हैं कि हमारी मिसाइल तकनीक अब परिपक्व हो चुकी है और सेना में शामिल होने के लिए तैयार है।






