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असम से बाहर होंगे ‘अवैध प्रवासी’! एक्शन में आए सीएम हिमंत, बोले- मियां समुदाय को झेलनी होगी परेशानी

Himanta Biswa Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 'मियां' समुदाय पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा है कि उनके शासनकाल में इस समुदाय को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।

  • Written By: अमन उपाध्याय
Updated On: Feb 01, 2026 | 09:17 PM

हिमंत बिस्वा सरमा, फोटो (सो. सोशल मीडिया)

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Illegal Bangladeshi Migrants in Assam: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर अपने बयानों से राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। रविवार को एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने ‘मियां’ समुदाय (बांग्ला भाषी मुस्लिम) के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री पद पर रहेंगे इस समुदाय के लिए मुश्किलें बनी रहेंगी।

‘परेशानी झेलेंगे तभी राज्य छोड़ेंगे’

मुख्यमंत्री हिमंत ने स्पष्ट रूप से कहा कि ‘मियां’ समुदाय के लोगों को लगातार समस्याओं का सामना करना चाहिए ताकि वे असम छोड़कर चले जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि वे ‘अवैध बांग्लादेशी’ हैं इसलिए उन्हें राज्य में रहने या काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर मैं असम में मुख्यमंत्री रहा तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वे यहां शांति से नहीं रह सकते। जब हम उनके लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे, तभी वे यहां से जाने का सोचेंगे।

अवैध प्रवासियों और नागरिकता का मुद्दा

असम में ‘मियां’ शब्द का प्रयोग आमतौर पर उन बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए किया जाता है जिन्हें स्थानीय गैर-बांग्ला भाषी लोग बांग्लादेशी प्रवासी के रूप में देखते हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिकता के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि किसी देश के नागरिक ही अपने देश में काम करने के हकदार होते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बांग्लादेश के लोग असम में कैसे काम कर सकते हैं? यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने इस तरह का कड़ा रुख अपनाया है, वे पहले भी एनआरसी (NRC) और घुसपैठ के मुद्दे पर मुखर रहे हैं।

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पुराने बयानों का संदर्भ और चेतावनी

अपने पिछले बयानों का जिक्र करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उन्होंने पहले सलाह दी थी कि अगर इस समुदाय का कोई रिक्शा चालक किराया मांगता है, तो उसे कम भुगतान किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वे कानून सम्मत बात कर रहे थे क्योंकि अवैध प्रवासी यहां काम करने के हकदार नहीं हैं।

यह भी पढ़ें:-  बंगाल में ‘मिशन एलीफेंट’ सफल: वन विभाग और रेलवे के तालमेल से पिछले 2 साल में एक भी हाथी की ट्रेन से मौत नहीं

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर वे मेरा उनके पक्ष में बोलना स्वीकार नहीं कर सकते तो मुझे उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों के बीच तीखी प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है।

Himanta biswa sarma controversial remark miya community assam

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Published On: Feb 01, 2026 | 09:17 PM

Topics:  

  • Assam
  • Himanta Biswa Sarma
  • India

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