बजट 2026 से एजुकेशन सेक्टर को क्या उम्मीदें हैं (सोर्स-सोशल मीडिया)
Education Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज, 1 फरवरी 2026 को अपना नौवां बजट पेश करेंगी। इस बार शिक्षा क्षेत्र को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं। अनुमान है कि बजट में मेडिकल सीटों में वृद्धि, IIT और विश्वविद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, नौकरी सृजन और स्किल डेवलपमेंट के नए उपाय शामिल होंगे। विशेष बात यह है कि यह पहला अवसर है जब भारत का वार्षिक बजट रविवार को पेश किया जा रहा है। इस साल लगभग 30 कॉलेज छात्र लोकसभा गैलरी से बजट प्रस्तुति को लाइव देखेंगे। ये छात्र विभिन्न राज्यों और शैक्षणिक क्षेत्रों जैसे वाणिज्य, अर्थशास्त्र, चिकित्सा और व्यावसायिक शिक्षा से चुने गए हैं।
सरकार ने पिछले बजट में 75,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने और IIT के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने की योजना बनाई थी। इन निवेशों से उच्च शिक्षा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों की गुणवत्ता और क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया था।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भारत की सामाजिक-आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया है। सर्वेक्षण के अनुसार, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में सुधार हुआ है, लेकिन कक्षा 8 के बाद छात्रों की नामांकन दर केवल 52.2% है, जो दर्शाता है कि स्कूलों में छात्रों को बनाए रखना अभी भी चुनौतीपूर्ण है। सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि शिक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपस में जुड़े हुए स्तंभ हैं, जो मानव संसाधन विकास, सामाजिक कल्याण और आर्थिक वृद्धि के लिए अहम हैं।
छात्रों की नजरें इस साल के बजट पर हैं। मुख्य अपेक्षाएँ हैं:
इन पहलों से छात्रों को नए अवसर मिलेंगे और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
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शिक्षा बजट 2026 छात्रों, अभिभावकों और नौकरी चाहने वालों के लिए महत्वपूर्ण है। मेडिकल और तकनीकी शिक्षा में विस्तार से स्वास्थ्य और विज्ञान क्षेत्र मजबूत होंगे। स्कूल सुधार और उच्च शिक्षा में निवेश मानव संसाधन विकास को बढ़ाएगा। स्किल डेवलपमेंट और वोकेशनल शिक्षा युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी।