- Hindi News »
- India »
- Guru Arjan Dev Shaheedi Diwas 2025 History Significance Sacrifice Legacy Details
गुरु अर्जन देव शहीदी दिवस 2025: ऐसे गुरु जिसने सिख इतिहास को बदल दिया, जानें अत्याचार के आगे अडिग रहने वाली शहादत की अद्भुत गाथा
गुरु अर्जन देव पांचवें सिख गुरु थे और 16 जून 1606 को उनकी मृत्यु हो गई थी। गुरु अर्जन देव जी की शहादत की अमर कथा उनके जीवन, योगदान, यातनाओं और बलिदान की प्रेरक गाथा, जो सिख इतिहास में सत्य, धर्म और साहस का प्रतीक बनी।
- Written By: सौरभ शर्मा

गुरु अर्जन देव शहीदी दिवस 2025
नवभारत डेस्क: सिख इतिहास में गुरु अर्जन देव जी का नाम एक ऐसे महान आत्मा के रूप में दर्ज है, जिन्होंने धर्म और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। सिखों के पाँचवें गुरु के रूप में उन्होंने न केवल आदि ग्रंथ (गुरु ग्रंथ साहिब) का संकलन किया, बल्कि हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) की नींव रखकर सिख पंथ को एक नई दिशा दी। 16 जून, 1606 को उनकी शहादत ने सिख समुदाय को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी।
गुरु अर्जन देव जी का जीवन और योगदान
गुरु अर्जन देव जी का जन्म 15 अप्रैल, 1563 को गोइंदवाल में हुआ था। वे गुरु राम दास जी के पुत्र और सिखों के चौथे गुरु के उत्तराधिकारी थे। उन्होंने सिख धर्म को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई। आदि ग्रंथ का संकलन उनकी सबसे बड़ी देन थी, जिसमें सिख गुरुओं, हिंदू और मुस्लिम संतों की वाणी को सम्मिलित किया गया। उन्होंने अमृतसर में हरमंदिर साहिब की स्थापना की, जो आज सिखों का सबसे पवित्र तीर्थस्थल है। गुरु जी ने सुखमनी साहिब जैसे पवित्र बानी की रचना की और समाज में समानता का संदेश फैलाया।
मुगल साम्राज्य और टकराव
उस समय भारत पर मुगल बादशाह जहाँगीर का शासन था। सिख पंथ के बढ़ते प्रभाव से जहाँगीर आशंकित था। जब जहाँगीर के विद्रोही पुत्र खुसरो ने उसके खिलाफ बगावत की, तो खुसरो ने गुरु अर्जन देव जी से आशीर्वाद लिया। इस घटना को बहाना बनाकर जहाँगीर ने गुरु जी पर राजद्रोह का आरोप लगाया। उसने गुरु जी को गिरफ्तार करने का आदेश दिया और उनके सामने दो शर्तें रखीं: या तो इस्लाम स्वीकार करें, या भारी जुर्माना अदा करें। गुरु जी ने दोनों शर्तों को ठुकरा दिया, जिसके बाद उन्हें क्रूर यातनाएँ दी गईं।
सम्बंधित ख़बरें
फिल्म धुरंधर-2: माफी मांगो वरना…, गुरबानी और सिगरेट वाले सीन पर आर. माधवन के खिलाफ भड़का सिख समुदाय
क्यों बनाई जाती है बैसाखी? 2026 में ‘इस’ दिन मनाई जाएगी Baisakhi, नोट कीजिए सटीक तिथि
कनाडाई मीडिया द्वारा निज्जर को ‘सिख नेता’ बताना गलत… रिपोर्ट में तथ्यों को मिटाने का गंभीर आरोप
ऑस्ट्रेलिया जिम के बाहर सिख नर्स पर नस्लीय हमला, ‘इंडियन डॉग’ बोलकर नाक पर मारा मुक्का
यातनाएँ और अंतिम घड़ी
गुरु अर्जन देव जी को लाहौर के किले में कैद कर लिया गया। उन्हें गर्म रेत पर बैठाया गया, उबलते पानी से नहलाया गया और लोहे की तपती प्लेटों पर बैठने के लिए मजबूर किया गया। पाँच दिनों तक चली इन यातनाओं के बावजूद गुरु जी ने ईश्वर का नाम जपना नहीं छोड़ा। अंत में, 30 मई, 1606 को उन्हें रावी नदी में डुबोकर शहीद कर दिया गया। मृत्यु से पहले उन्होंने अपने पुत्र गुरु हरगोबिंद सिंह जी को सिखों की रक्षा के लिए “शस्त्र धारण करने” का आदेश दिया, जिसने आगे चलकर सिख पंथ को एक नई दिशा दी।
शहादत की विरासत
गुरु अर्जन देव जी की शहादत सिख इतिहास का एक निर्णायक मोड़ थी। उनके बलिदान ने सिखों को धर्म और न्याय के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। आज भी उनके शहीदी दिवस पर गुरुद्वारों में कीर्तन, अरदास और लंगर का आयोजन किया जाता है। उनकी शिक्षाएँ और सिद्धांत सिख समुदाय के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं। गुरु जी ने सिखाया कि सत्य के मार्ग पर चलते हुए बलिदान देना ही सच्ची भक्ति है।
उनकी अमर कथा हमें याद दिलाती है कि अन्याय के सामने झुकने से बेहतर है, संघर्ष करना। गुरु अर्जन देव जी का जीवन और शहादत आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रकाशस्तंभ है, जो मानवता, सहिष्णुता और न्याय के मूल्यों को जीवित रखने का संदेश देता है।
Guru arjan dev shaheedi diwas 2025 history significance sacrifice legacy details
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
भीषण गर्मी के बीच अचानक क्यों बदला मौसम? मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, अगले 4 दिन 13 राज्यों पर भारी
Apr 09, 2026 | 08:01 AMबारामती में सियासी बवाल, खड़गे-राहुल के दरबार पहुंचीं सुनेत्रा पवार, क्या निर्विरोध होगा चुनाव?
Apr 09, 2026 | 07:58 AM9 अप्रैल का इतिहास: अन्ना हजारे आंदोलन से लेकर सद्दाम हुसैन शासन का पतन, भारत और दुनिया में बदलाव
Apr 09, 2026 | 07:46 AMखरात के खिलाफ सबूतों का पहाड़! SIT ने ED को सौंपे बैंक खाते और दस्तावेज, आज कोर्ट में होगी पेशी
Apr 09, 2026 | 07:40 AMDhurandhar 2 Collection: बॉक्स ऑफिस पर सुस्त हुई ‘धुरंधर 2’, सिंगल डिजिट में की कमाई, फिर भी रिकॉर्ड रहा कायम
Apr 09, 2026 | 07:39 AMअथर्व हत्याकांड: पूरा क्राइम सीन रीक्रिएट करेगी नागपुर पुलिस; आरोपियों का केस लड़ने से वकीलों ने किया इनकार
Apr 09, 2026 | 07:28 AMनवभारत संपादकीय: एसआईआर विवाद में फंसा बंगाल, कैसा चुनाव जिसमें लाखों लोग वोटिंग से वंचित
Apr 09, 2026 | 07:27 AMवीडियो गैलरी

ममता का मास्टरप्लान या भाजपा की अंदरूनी कलह? पहले चरण की वोटिंग से पहले बदल गया पूरा नैरेटिव!
Apr 09, 2026 | 07:08 AM
कानपुर के ‘किडनी कांड’ को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कही बड़ी बात
Apr 08, 2026 | 10:49 PM
SDM के सामने जल निगम अधिकारियों पर क्यों भड़के भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा
Apr 08, 2026 | 10:37 PM
उधार के शब्द और सरेआम फजीहत! शहबाज शरीफ के पोस्ट में निकली ऐसी गलती, पूरी दुनिया में उड़ रहा है मजाक
Apr 08, 2026 | 10:27 PM
बुद्ध और गांधी का देश अलग-थलग, आतंकी पाकिस्तान बना शांति दूत; संजय सिंह का PM मोदी पर बड़ा हमला- VIDEO
Apr 08, 2026 | 09:59 PM
सफाई के नाम पर खेल! गांधीधाम स्टेशन पर डस्टबिन का कचरा ट्रैक पर फेंका, वायरल वीडियो देख रेलवे ने मांगी माफी
Apr 08, 2026 | 09:51 PM














