वोटर लिस्ट मामले में बढ़ सकती है राहुल गांधी की मुश्किल, चुनाव आयोग ने नोटिस भेजकर मांगा जवाब

Rahul Gandhi: राहुल गांधी को चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा है, जिसमें उनके दो बार मतदान के आरोपों की जांच के लिए दस्तावेज मांगे गए हैं। शकुन रानी ने दो बार मतदान से इनकार किया है।
वोटर लिस्ट मामले में बढ़ सकती है राहुल गांधी की मुश्किल, चुनाव आयोग ने नोटिस भेजकर मांगा जवाब
राहुल गांधी (फोटो- सोशल मीडिया)
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Rahul Gandhi Vote Theft Charge: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। रविवार को कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उस बयान को लेकर भेजा गया है जिसमें राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि एक महिला ने दो बार मतदान किया है। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज इस मामले की गहन जांच में सहायक हो सकते हैं।

राहुल ने यह दावा पिछले हफ्ते दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान किया था और उस समय उन्होंने एक दस्तावेज भी दिखाया था। नोटिस में कहा गया है कि राहुल गांधी के अनुसार, मतदान अधिकारी के रिकॉर्ड में श्रीमती शकुन रानी का नाम दो बार चिन्हित है, जिससे यह प्रतीत होता है कि उन्होंने दो बार मतदान किया है। हालांकि, पूछताछ में श्रीमती शकुन रानी ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने केवल एक बार ही मतदान किया है।

राहुल ने दिखाई फर्जी मतदाता सूची

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत किया गया चिन्हित दस्तावेज किसी मतदान अधिकारी द्वारा जारी नहीं किया गया था।

अधिकारी ने राहुल गांधी से अपीव की है कि वे इस संबंध में उपलब्ध सभी दस्तावेज आयोग के सामने पेश करें ताकि यह तय किया जा सके कि क्या वास्तव में किसी व्यक्ति ने दो बार मतदान किया है। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी।

किसी पार्टी ने नही करवाया SIR में बदलाव

इस बीच, बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के संबंध में चुनाव आयोग ने रविवार को जानकारी दी कि 1 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद से अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने नाम जोड़ने या हटाने के लिए कोई अनुरोध नहीं किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1 सितंबर तक नागरिक ड्राफ्ट सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, जिसके तहत पात्र नागरिकों के नाम शामिल किए जा सकते हैं या अयोग्य नाम हटाए जा सकते हैं।

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