

Jagdeep Dhankar Resign: उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम को घोषणा की कि वह स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और चिकित्सीय सलाह का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहे हैं। 74 वर्षीय धनखड़, जिन्होंने अगस्त 2022 में पदभार ग्रहण किया था, उनका कार्यकाल 2027 में पूरा होना था। उनके इस अचानक लिए फैसले की वजह किसी को भी हजम नहीं हो रही है, हरेक राजनीतिक पार्टी और तमाम राजनेताओं के द्वारा इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी जा रही हैं, वहीं इस पर कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभापति का अचानक इस्तीफा जितना चौंकाने वाला और कल्पनीय से परे है।
कांग्रेस पार्टी के जनरल सेकेट्री जयराम रमेश की तरफ से इस पर शुरूआत में प्रतिक्रिया दी गई कि निःसंदेह, श्री जगदीप धनखड़ को अपने स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि उनके इस बिल्कुल अप्रत्याशित इस्तीफे के पीछे जो दिखाई दे रहा है, उससे कहीं अधिक है। हालांकि, यह समय अटकलें लगाने का नहीं है। श्री जगदीप धनखड़ ने सरकार और विपक्ष,दोनों को समान रूप से आड़े हाथों लिया। उन्होंने कल दोपहर 1 बजे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक बुलाई थी और न्यायपालिका से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण घोषणा करने वाले थे।
वहीं उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया को कोट करते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पूरा संदहे व्यक्त किया और इस पर अगल ही चुटीले व व्यंगात्मक अंदाज में कहा कि ना कोई स्पीच, ना कोई फेयरवैल फिर कैसे कह दें, ऑल इज वैल? कांग्रसे नेता अन्य सभी राजनीतिक दलों के नेता इस पर लगातार अपनी राय व्यक्त कर रहे है।
संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए थरूर ने कहा, "हम उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। यह बहुत दुखद है कि उन्हें अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो गई। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की हमारी शुभकामनाएं। विपक्षी नेता धनखड़ के इस्तीफे के पीछे के कारण पर सवाल उठा रहे हैं, कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ अन्य दलों ने उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और पद पर बने रहने को कहा है। वहीं सपा के प्रमुख अखिलेश यादव ने जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्पीफा देने की वजह पर सवाल पूछ जाने पर कहा स्वास्थ को लेकर चिंता जताई और फिर कहा अगर ममला स्वास्थ का है तो क्या कहें।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि धनखड़ ने बिना किसी शारीरिक परेशानी के दो दिन तक राज्यसभा का संचालन किया। उन्होंने आगे कहा, "उनके त्यागपत्र में लिखा है कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, लेकिन हमें लगता है कि यह शारीरिक अस्वस्थता से ज़्यादा उनके राजनीतिक अस्वस्थता का मामला है।