कांग्रेस से मतभेद पर शशि थरूर ने तोड़ी चुप्पी, दोहराया जवाहरलाल नेहरू वाला सवाल; अब थमेगा या और बढ़ेगा बवाल?

Shashi Tharoor vs Congress: कांग्रेस MP शशि थरूर का अपनी पार्टी से लगातार मतभेद चल रहा है। कई बार उन्होंने मोदी सरकार की तारीफ की, जिससे कांग्रेस पार्टी नाराज हो गई। थरूर ने अब इस पर चुप्पी तोड़ी है।
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कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
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Shashi Tharoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर का अपनी पार्टी से लगातार मतभेद चल रहा है। थरूर ने कई मौकों पर मोदी सरकार की तारीफ की, जिससे कांग्रेस पार्टी नाराज हो गई। उन्हें कांग्रेस की कई मीटिंग्स में नजरअंदाज भी किया गया, जिसके बाद उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी है और कुछ ऐसा कहा है जिससे बवाल बवाल थमने के आसार दिख रहे हैं।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने संसद में किसी भी स्टेज पर कांग्रेस पार्टी के किसी भी रुख का विरोध नहीं किया है, और न ही उन्होंने पार्टी लाइन का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सार्वजनिक तौर पर मतभेद था, लेकिन वह भी सिद्धांत के तौर पर सही था।

ऑपरेशन सिंदूर पर दिया बड़ा बयान

ऑपरेशन सिंदूर पर अपने बयान के बारे में शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने संसद में पार्टी के बताए गए स्टैंड का कभी उल्लंघन नहीं किया है और सिद्धांत के तौर पर उनका एकमात्र सार्वजनिक मतभेद ऑपरेशन सिंदूर पर था। थरूर ने कहा कि उन्होंने उस मुद्दे पर मज़बूत रुख अपनाया और माफ़ी नहीं मांगी।

फिर क्यों उठा मतभेद का सवाल?

थरूर का यह बयान पार्टी लीडरशिप के साथ उनके कथित मतभेदों की चर्चा के बीच आया है। यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह कोच्चि में एक हालिया कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा अपनी मौजूदगी को ठीक से स्वीकार न किए जाने और राज्य के नेताओं द्वारा उन्हें किनारे करने की कथित बार-बार की कोशिशों से नाराज हैं।

थरूर ने किया अपने कॉलम का जिक्र

तिरुवनंतपुरम सांसद ने आगे कहा कि एक ऑब्जर्वर और लेखक के तौर पर उन्होंने पुलवामा हमले के बाद एक अखबार में एक कॉलम लिखा था। जिसमें तर्क दिया था कि इस कृत्य के लिए पाकिस्तान को बिना सज़ा के नहीं छोड़ा जाना चाहिए और तुरंत जवाब देना जरूरी है।

सरकार के कदम से हुई हैरानी: थरूर

शशि थरूर ने कहा कि भारत का ध्यान डेवलपमेंट पर होना चाहिए लेकिन उसे पाकिस्तान के साथ लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष में नहीं घसीटा जाना चाहिए और कोई भी कार्रवाई आतंकवादी कैंपों को निशाना बनाने तक सीमित होनी चाहिए। शशि ने कहा कि यह जानकर हैरानी हुई कि भारत सरकार ने ठीक वही किया जो उन्होंने सुझाव दिया था।

दोहराया जवाहरलाल नेहरू वाला सवाल

थरूर ने कहा कि यह जवाहरलाल नेहरू ही थे जिन्होंने मशहूर सवाल पूछा था कि अगर भारत खत्म हो गया तो कौन बचेगा? उन्होंने कहा कि जब भारत दांव पर होता है जब उसकी सुरक्षा और दुनिया में उसकी जगह की बात होती है तो भारत सबसे पहले आता है। बेहतर भारत बनाने की प्रक्रिया में राजनीतिक पार्टियों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब देश के हित शामिल होते हैं तो भारत को ही जीतना चाहिए।

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