

Congress Employment Fair: बिहार की राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आज कांग्रेस द्वारा आयोजित रोजगार मेले में युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नौकरी की तलाश में आए युवाओं की संख्या इतनी ज़्यादा थी कि स्थिति पूरी तरह से बेकाबू हो गई। वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिससे आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का भी माहौल बन गया।
रोजगार मेले में बेकाबू भीड़ के कारण युवाओं को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। भीड़ इतनी ज़्यादा थी कि आयोजन स्थल पर पैर रखने की भी जगह नहीं थी। आयोजकों के लिए स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया और इसमें सुरक्षाकर्मियों को भी बीच-बचाव करना पड़ा।
भीड़ के कारण उपजी अव्यवस्था से रोजगार मेले की रौनक फीकी बिहार के विभिन्न हिस्सों से युवा नौकरी की उम्मीद लेकर इस मेले में आए थे। लेकिन भीड़ के कारण हुई अव्यवस्था से लोगों को निराश होकर लौटना पड़ गया। कांग्रेस ने इस आयोजन को बिहार के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बताया था, लेकिन अव्यवस्था के कारण इसकी रौनक फीकी पड़ती देखी गई।
राज्य में भयंकर बेरोजगारी की स्थिति बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी और नौकरियों की कमी के कारण लोग पलायन करने को मजबूर हैं। अगर कोई संगठन रोजगार के लिए काम कर सकता है, तो सरकार ऐसा क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस की सरकार बनेगी, तो लाखों लोगों को रोजगार दिया जाएगा।
इस बीच, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि अब नीतीश जी खुद बेरोजगार होने जा रहे हैं और अब यह सरकार वापस नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली जैसे नारों से लोगों को कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि इससे समस्या का समाधान नहीं होगा।
हमारा काम सिर्फ कंपनियों से मिलना- कांग्रेस नेता
बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि रोजगार मेले में एप्लीकेशन की संख्या बहुत ज्यादा हो जाती हैं। सेलेक्शन का काम निजी कंपनियों का होता है। हमारा काम सिर्फ प्राइवेट कंपनियों और युवाओं को मिलाना है। अब जिस युवा में जितनी सामर्थ्य है, और कंपनियों को जो जरूरत हैं। उस अनुसार नौकरियां मिलेंगी। हमारा प्रयास समस्या का समाधान देने का है। भले ही कुछ हजार को नौकरी मिले। अगर हमारी सरकार बनती है, तो और ताकत से समस्या का समाधान ढूंढेंगे।
रोजगार मेले में पहुंचे युवाओं की शिकायतें
हालांकि, नौकरी की तलाश में मेले में पहुंचे युवाओं की अपनी-अपनी शिकायतें थीं। उन्होंने कहा कि दो-तीन कंपनियों को छोड़कर एक भी कंपनी बिहार की नहीं है। ये कंपनियां बिहार से बाहर नौकरियां दे रही हैं और वेतन भी कम है। लोगों के द्वारा आरोप लगाया गया कि 12-15 हजार की नौकरी के लिए दूसरे राज्यों और 1500 किमी दूर जाने के लिए बोला जा रहा था।
इससे पहले, कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी रोजगार के मुद्दे पर गंभीर हैं और यह प्रतिबद्धता बिहार में उनकी 'पलायन रोको, रोज़गार दो' यात्रा के दौरान साफ दिखाई दी। पटना में आयोजित रोजगार मेले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस भले ही सत्ता में नहीं है, फिर भी वह बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कदम उठा रही है। वहीं कन्हैया कुमार ने कहा इस यात्रा का मकसद ज्यादा से ज्यादा युवाओ को रोजगार दिलाना है।