

Amit Shah vs Jairam Ramesh on Infiltration: गृह मंत्री अमित शाह के 'घुसपैठियों' को लेकर दिए गए बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने शाह के बयान को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ध्रुवीकरण की कोशिश करार देते हुए तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी दुष्प्रचार और ध्रुवीकरण के लिए दो 'स्वदेशी विनाशक हथियार' इस्तेमाल कर रही है। इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमित शाह ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में दावा किया कि कुछ राजनीतिक दल घुसपैठियों को अपने वोट बैंक की तरह देखते हैं। उन्होंने सवाल उठाया था कि आखिर गुजरात और राजस्थान की सीमाओं से घुसपैठ क्यों नहीं होती? 'दैनिक जागरण' के पूर्व प्रधान संपादक नरेंद्र मोहन की स्मृति में आयोजित इस व्याख्यान में दिए गए उनके इसी बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे चुनाव से पहले समाज को बांटने की एक सोची-समझी रणनीति बताया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर अमित शाह पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "वह स्वदेशी रूप से विकसित दो जनसंहारक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं - पहला 'वेपन ऑफ मास डिसइनफॉरमेशन' यानी व्यापक दुष्प्रचार का हथियार और दूसरा 'वेपन ऑफ इंटीमीडिट्री मास पोलराइजेशन' यानी धमकी देकर व्यापक ध्रुवीकरण करने का हथियार।" रमेश के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिसमें उन्होंने शाह की रणनीति की तुलना विनाशक हथियारों से कर दी है।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी अमित शाह पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने हिंदू-मुस्लिम विवाद को हवा देने की कोशिश की। खेड़ा ने आरोप लगाया कि शाह ने पहले 'एक्स' पर मुसलमानों की बढ़ती आबादी का हवाला देते हुए घुसपैठ का संकेत दिया, लेकिन जब उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ कि वह खुद गृह मंत्री हैं, तो पोस्ट तुरंत हटा दिया गया। खेड़ा ने आंकड़े पेश करते हुए कहा, "2005 से 2013 के बीच कांग्रेस सरकारों ने 88,792 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित किया, जबकि बीजेपी के 11 साल के शासन में यह आंकड़ा 10,000 से भी कम है।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'खाली बर्तन ज्यादा खड़कते हैं।'