

Holi Good Luck Remedies: रंगों का त्योहार होली अब कुछ ही दिनों में आने वाली है। होली का त्योहार हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है जो कि पूरे देशभर में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।
हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिंमा तिथि के दिन होलिका दहन के दूसरे दिन रंगों का त्योहार होली मनाया जाता है।
धार्मिक एवं ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, होली के दिन किया गया छोटा सा काम भी कई गुना शुभ फल प्रदान करता है। इसलिए होली के दिन रंग खेलने से पहले कुछ पारंपरिक उपाय अवश्य करने चाहिए।
ज्योतिषयों के अनुसार, होली के दिन रंग खेलने से पहले होलिका दहन पर उसकी राख को घर लाकर उसका तिलक लगाना चाहिए। कहा जाता है कि इसका तिलक लगाने से बुरी नजर और नकारात्मकता दूर होती है।
ज्योतिषयों का कहना है कि रंग खेलने से पहले परिवार के सभी सदस्यों को कुछ मिनटों तक भगवान को याद करना चाहिए। अपने इष्ट देव से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करनी चाहिए। इसके बाद घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना न भूलें। ये काम करने से घर में प्रेम और विश्वास बढ़ता है।
होली की सुबह स्नान के बाद घर के मुख्य दरवाजे पर गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। गंगाजल पवित्रता और शुद्धिकरण का प्रतीक है। मुख्य दरवाजे पर गंगाजल का छिड़काव करने से घर की नकारात्मक उर्जा दूर होती है। इसके बाद हल्दी या गुलाल से दरवाजे पर छोटा सा स्वस्तिक बनाना चाहिए। ये सुख, शांति और समृद्धि का प्रतीक है। इस उपाय को करने से घर में पूरे साल शुभता बनी रहती है।
जिस तरह होली पर्व को वसंत ऋतु का संदेशवाहक माना जाता है, उसी प्रकार धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सभी लोग आपसी मतभेद भुलाकर एक दूसरे को रंग लगाते हैं, जिसमें लाल रंग को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि लाल रंग प्यार और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। जिससे आपसी प्रेम और स्नेह बढ़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन और होली के दिन भगवान श्री कृष्ण, श्री हरि और कुल देवी-देवताओं की पूजा करने से सभी नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाता है और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।