बकरीद को लेकर असम के मुस्लिम समुदाय ने उठाया बड़ा कदम, CM हिमंता ने जताई खुशी, कही ये बड़ी बात
Himanta Biswa Sarma Eid News: असम में ईदगाह समितियों ने हिंदुओं की भावना का सम्मान कर 'गौहत्या मुक्त ईद' मनाने की अपील की है। मुस्लिम समाज के फैसले का CM हिमंता ने स्वागत किया।
- Written By: अमन मौर्या
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Assam Eidgah Committee Appeal: असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को मुस्लिम समाज द्वारा बकरीद के दौरान गाय की कुर्बानी नहीं करने के निर्णय का स्वागत किया। राज्य की कई ईदगाह समितियों और मुस्लिम समुदाय ने लोगों से हिंदुओ की भावना का सम्मान करने और गौ-हत्या से दूर रहने अपील भी की है। सीएम हिमंता ने समितियों के इस अपील से असम में सांस्कृतिक सौहार्द और सामाजिक एकता मजबूत होगी।
ईदगाह समिति का हिमंता ने किया स्वागत
मंगलवार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर असम सीएम ने पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि असम में कई ईदगाह समितियों ने पहले गौ-कुर्बानी से परहेज करने की अपील की थी और अब अनेक स्थानों पर मुस्लिम समाज ने स्वयं आगे आकर इसे अपनाया है।
बरपेटा, लखीमपुर, होजाई और कामरूप सहित कई स्थानों से आया गौ-रक्षा का यह सकारात्मक संदेश असम की सांस्कृतिक एकता को और सुदृढ़ करेगा। मैं सभी समितियों और जागरूक नागरिकों को हृदय से धन्यवाद देता हूं।
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गौहत्या मुक्त ईद मनाने का किया आह्वान
इससे पहले भी असम के मुख्यमंत्री हिमंता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर विभिन्न ईदगाह समितियों से अपील की जानकारी दी थी। पोस्ट में हिमंता ने लिखा था कि विभिन्न समितियों की अपील के बाद धुबरी टाउन ईदगाह समिति ने भी हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करने और देश के कानून का पालन का आग्रह किया है।
असम में कई ईदगाह समितियों ने पहले गौ-कुर्बानी से परहेज़ करने की अपील की थी और अब अनेक स्थानों पर मुस्लिम समाज ने स्वयं आगे आकर इसे अपनाया है। बरपेटा, लखीमपुर, होजाई और कामरूप सहित कई स्थानों से आया गौ-रक्षा का यह सकारात्मक संदेश असम की सांस्कृतिक एकता को और सुदृढ़ करेगा। मैं सभी… https://t.co/GCp29bFEvt — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) May 26, 2026
मुस्लिम समाज के लोगों की अपील के बाद सीएम हिमंता ने सभी ईदगाह समितियों द्वारा इस बकरीद को गौहत्या मुक्त बनाने के निर्णय का स्वागत किया।
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पशु संरक्षण कानूनों पर जोर
देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद तीन राज्यों में एनडीए की सरकार बनी। पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार भाजपा सत्ता में आई। सरकार बनने के बाद से ही देशभर में बकरीद और गो-हत्या के मुद्दे पर भाजपा मुखर रही है। इस मुद्दे पर असम में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गई है।
राज्य में भाजपा सरकार लगातार सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और पशु संरक्षण कानूनों को सख्ती से लागू करने पर जोर देती रही है। असम में असम कैटल प्रिजर्वेशन एक्ट, 2021 के तहत सख्त नियम लागू हैं, जिनमें पशुओं की हत्या, बिक्री और परिवहन को नियंत्रित किया जाता है।
