असम के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पर संकट! 60 हजार से ज्यादा शिक्षक पद खाली, 30 से कम छात्र
Assam Education System Crises: असम के सरकारी स्कूलों में 60 हजार से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं और हजारों स्कूलों में छात्रों की संख्या 30 से भी कम रह गई है।
- Written By: सृष्टि मौर्य
रानोज पेगू (सोर्स- सोशल मीडिया)
Assam Government School Teachers Shortage: असम में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया कि सरकारी स्कूलों में 60,032 शिक्षकों के पद खाली हैं, जबकि 32,321 स्कूल ऐसे हैं जहां 30 से भी कम छात्र पढ़ रहे हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण गांवो में जरूरत से ज्यादा स्कूलों का होना और सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों से कम भर्ती बताया जा रहा है। शिक्षकों की कमी और घटती छात्र संख्या का सीधा असर पढ़ाई और शिक्षा की योग्यता पर पड़ रहा है।
स्कूलों में क्लासरूम की भारी कमी
सरकार ने सदन में ये भी स्वीकार किया कि राज्य के 5,128 स्कूलों में अलग से क्लासरूम की भारी कमी है। कई जगहों पर हालात इतने खराब है कि सिर्फ एक ही कमरे के अंदर दो अलग-अलग शिक्षक एक साथ पांच अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को संभालने को मजबूर हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
हालांकि, विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि हजारों शिक्षकों के खाली पद और लगातार घटती छात्र संख्या सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। वहीं, सरकार का दावा है कि संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए स्कूल शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
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25 हजार शैक्षणिक संस्थानों ने आवेदन किए
शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों ने प्रांतीयकरण के लिए आवेदन किया है। ऑनलाइन पोर्टल के जरिए लोअर प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाई स्कूल और सीनियर सेकेंडरी समेत करीब 25 हजार शैक्षणिक संस्थानों ने आवेदन किए हैं। इन सभी आवेदनों की जांच तय किए गए नियमों और असम शिक्षा अधिनियम के तहत की जा रही है।
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खाली पदों को भरा जा रहा है
सरकार ने ये भी बताया कि 7,948 स्कूलों में छात्र-शिक्षक की संख्या अनुपात निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं है। इससे कक्षाओं का संचालन और स्कूलों की प्रतिक्रिया प्रभावित हो रही है और मौजूदा शिक्षकों पर अधिक जिम्मेदारी बढ़ गई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों और प्रधानाचार्यो की भर्ती अदालत के निर्देशों और राज्य की भर्ती नीति के अनुसार की जा रही है और खाली पदों को भरने की प्रक्रिया भी जारी है।
