दिल्ली में यमुना के घाट पर नहीं कर सकेंगे छठ पूजा, प्रदूषण के चलते HC ने नहीं दी परमिशन

दिल्ली उच्च न्यायालय ने यमुना तटों में छठ पूजा मनाने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि यमुना नदी का पानी बहुत ज्यादा प्रदूषित है तथा इसमें पर्व मनाने से लोगों का स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
दिल्ली में यमुना के घाट पर नहीं कर सकेंगे छठ पूजा, प्रदूषण के चलते HC ने नहीं दी परमिशन
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नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने यमुना तटों में छठ पूजा मनाने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि यमुना नदी का पानी बहुत ज्यादा प्रदूषित है तथा इसमें पर्व मनाने से लोगों का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कोर्ट के इस फैसले पर कहा कि अदालत के आदेश ने आतिशी सरकार के झूठ तथा विफलताओं को उजागर कर दिया है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि पवित्र यमुना को प्रदूषित तथा जहरीले जल वाली यमुना बनाने में सफल केजरीवाल की दिल्ली सरकार की विफलताओं पर दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने यमुना में अमोनिया का अत्यधिक स्तर की वजह से प्रदूषित यमुना में छठ श्रद्धालुओं को सीधे तौर पूजा करने की इजाजत न देकर चिंता व्यक्त की है।

कांग्रेस ने AAP सरकार को घेरा

कांग्रेस प्रदेश देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस प्रदूषित यमुना में बढ़ते अमोनिया के स्तर पर चिंता जताई थी लेकिन आतिशी सरकार लगातार कहती आ रही है कि सब कुछ सही कर लेंगे। उहोंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार को दिल्ली वालों के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है, जबकि चीफ जस्टिस ने यमुना को अत्यंत प्रदूषित नदी बताया है।

दिल्ली सरकार का दावा खोखला

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि आतिशी सरकार आगामी विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक जमीन तलाशने में व्यस्त होने तथा आरोप प्रत्यारोप की राजनीति की वजह से पूर्वाचंल श्रद्धालुओं के लिए यमुना में हरियाणा सरकार से पानी छोड़ने का अनुरोध तक नही किया। वहीं कांग्रेस शासन के समय छठ से तीन दिन पहले ही पानी छोड़ दिया जाता था। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का दावा है कि छठ पूजा के लिए 1000 घाट निर्धारित किए है, आज छठ पर्व के पहले दिन ही ये दावा पूरी तरह खोखला साबित हुआ। सरकार ने यमुना के घाटों की सफाई तो क्या जनसुविधाएं और सफाई व्यवस्था तक दुरुस्त नहीं की है।

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