साहिल चौहान, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sahil Chauhan Deported From Thailand: गैंगस्टर साहिल चौहान को थाईलैंड से डिपोर्ट किए जाने के बाद स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि गैंगस्टर कौशल चौधरी के सहयोगी चौहान को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते ही अंबाला से एसटीएफ की एक टीम ने हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के अनुसार, चौहान हरियाणा में कई आपराधिक मामलों में आरोपी है और वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और अन्य राज्य एजेंसियों की निगरानी में भी है।
बता दें कि साहिल चौहान के खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं और वह 2024 में ढाका भाग गया था। वह कौशल चौधरी गिरोह, भूप्पी राणा गिरोह और दविंदर बंबिहिया गिरोह का करीबी सहयोगी है।
हरियाणा के अंबाला निवासी साहिल चौहान को 2016 में भूप्पी राणा और मोनू राणा के बीच कॉलेज की राजनीति को लेकर हुए विवाद के बाद अपने प्रतिद्वंद्वी मोनू राणा की हत्या के प्रयास से जुड़े एक मामले में 10 साल की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद हरियाणा की जेल में रखा गया था। एसटीएफ के अनुसार, साहिल राणा उर्फ साहिल चौहान शुक्रवार को थाईलैंड पहुंचा था। उसने दावा किया था कि वह अपने पिता का इलाज वहां करवाना चाहता है। एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि उसका इरादा थाईलैंड में अपने पिता के लिए डायलिसिस की व्यवस्था करने का था।
हालांकि, पंजाब पुलिस ने थाईलैंड में उसके आने के बारे में हरियाणा पुलिस के साथ जानकारी साझा की, जिसके बाद हरियाणा एसटीएफ द्वारा उस गैंगस्टर को प्रत्यर्पित कर दिया गया।
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जानकारी के अनुसार, 4 जनवरी 2016 को यमुनानगर के जगाधरी कोर्ट परिसर में गैंगवार के दौरान साहिल चौहान ने मोनू राणा पर फायरिंग की थी। उस समय मोनू राणा को एक केस की सुनवाई के लिए कोर्ट लाया गया था। इस मामले में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी और अदालत ने उसे 10 साल की सजा सुनाई थी।
हालांकि, जमानत मिलने के बाद साहिल चौहान फरार हो गया और विदेश में छिपकर रहने लगा। हरियाणा पुलिस के लिए वह एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर नई दिल्ली स्थित इंटरपोल की राष्ट्रीय केंद्रीय इकाई (NCB) ने साहिल के खिलाफ रेड नोटिस जारी कराया था। इसके बाद बैंकॉक में उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और उसे डिपोर्ट कर भारत लाया गया।