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मुंबई : महाराष्ट्र (Maharashtra) सियासी पारा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। दरअसल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) की रैली में पार्टी सुप्रीमो राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने नववर्ष गुढी पाडवा के दिन शिवाजी पार्क रैली के दौरान मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर (Mosque Loudspeakers) को हटाने की बात कही थी। इसके अलावा उन्होंने हाविकास अघाड़ी सरकार पर ख़ासकर एनसीपी और शिवसेना पर जमकर हमला किया। लेकिन इसके बाद भी मनसे ने अपना आक्रामक रूप बनाये रखा है। इसी कड़ी में ते दिन ठाणे में हुई जनसभा में भी राज ठाकरे ने कहा कि 3 मई तक अगर मस्जिद से अगर लाउडस्पीकर नहीं हटा तो देश भर में मस्जिद के सामने हनुमान चालीसा बजेगा।
वहीं, ठाणे में हुई जनसभा के बाद राज ठाकरे पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। राज ठाकरे पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला पुलिस स्टेशन नौपाडा में दर्ज किया गया है। जिसके बाद सूबे का सियासी पारा फिर से अलग रंग लेने लगा है। राज ठाकरे ने साफ कह दिया है कि वो अपने मुद्दे से पीछे हटने वाले नहीं है।
गौरतलब है की मंगलवार की शाम थाने में राज ठाकरे की उत्तर सभा थी, जहां उन्होंने तलवार दिखाई थी. वहीं इस मामले में राज ठाकरे के खिलाफ केस दर्ज होने की पुष्टि ठाणे के पुलिस कमिश्नर जयजीत सिंह ने की है।
बता दें की राज ठाकरे ने हालही में राज्य सरकार को लाउड स्पीकर हटाने का अल्टीमेटम दिया था (Raj Thackeray)और कहा कि मुझे किसी के धर्म में बाधा नहीं डालना है, और न किसी प्रकार से शांति भंग करना है और न ही कोई प्रपंच करना है लेकिन यदि सरकार को शांति चाहिए तो वे लाउडस्पीकर को हटाए। ठाकरे ने चेतावनी देते कहा की किसी को भी दंगल नहीं चाहिए। लेकिन लाउडस्पीकर से सिर्फ महाराष्ट्र के लोगों को ही नहीं बल्कि पुरे देश के लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में अब यह बंद होना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि फुटपाथ और रास्ते पर जमा होकर क्या दिखाना चाहते है? प्रार्थना तुम्हारी है तो तुम घर में करो।
ठाकरे ने कहा कि, 3 मई तक सरकार सभी मौलवियों को बुलाकर समझाए और उचित कदम उठाने का आवाहन भी किया और कहा कि अभी उन्होंने अपने तरकश में से मुख्य बाण नहीं निकाला है और उसे निकालने पर मजबूर न किया जाए। उन्होंने कहा की त्यौहार के कुछ दिनों की बात समझ में आती है लेकिन साल के 365 दिन लाउडस्पीकर का नाटक अब राज्य में नहीं चलेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में समान नागरिक कानून और जनसंख्या नियंत्रण लागू करने की मांग केंद्र सरकार से की है।






