Iran America War: ट्रंप भड़के, ईरान के सुप्रीम लीडर ने यूरेनियम देश से बाहर भेजने से किया इनकार
Iran America War Tension: ईरान-अमेरिका में फिर जंग के आसार हैं। खामेनेई ने यूरेनियम बाहर भेजने से मना किया है। इस कड़े फैसले से डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू बुरी तरह भड़क गए हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
Iran America War Global Crisis: ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर तनाव खतरनाक रूप से काफी बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच युद्धविराम के बावजूद अभी भी भारी अविश्वास का माहौल है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। उन्होंने अपना वेपन-ग्रेड यूरेनियम किसी भी कीमत पर देश से बाहर भेजने से साफ इनकार कर दिया है।
सुप्रीम लीडर के इस बड़े फैसले से अमेरिका और इजरायल की चिंताएं बहुत अधिक बढ़ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले पर अपनी बहुत ही कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उनका स्पष्ट रूप से कहना है कि वह ईरान को उच्च संवर्धित यूरेनियम बिल्कुल नहीं रखने देंगे। इस भारी तनाव के कारण मध्य-पूर्व में फिर से भयंकर युद्ध छिड़ने का पूरा खतरा बन गया है।
खामेनेई का कड़ा फैसला
ईरान के शीर्ष अधिकारियों ने अपना यूरेनियम किसी भी देश में बाहर भेजने से मना कर दिया है। उनका मानना है कि ऐसा करने से भविष्य में उनका देश पूरी तरह से कमजोर पड़ सकता है। इजरायल और अमेरिका के किसी भी नए संभावित हमले से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
US THAAD Interceptor: ईरान से जंग में अमेरिका का आधा भंडार खत्म, इजरायल को बचाने के लिए दागे ज्यादा मिसाइल
सगे बेटे की शादी से डोनाल्ड ट्रंप ने मुंह फेरा! ईरान को बताया जिम्मेदार,बोले- बारात संभालू या युद्ध
Marco Rubio India: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा, ऊर्जा और क्वाड पर होगी बात
Golden Dome: ट्रंप के गोल्डन डोम प्रोजेक्ट से घबराए रूस और चीन, मिसाइल सिस्टम को बताया बड़ा खतरा
डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से स्पष्ट किया है कि वॉशिंगटन इस गंभीर मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना जरूरत पड़ने पर ईरान का यूरेनियम नष्ट कर सकती है। ट्रंप के इस बेहद सख्त बयान ने इस पूरे मामले को अब और भी ज्यादा भड़का दिया है।
इजरायल का बढ़ता दबाव
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी ईरान पर लगातार अपना भारी कूटनीतिक दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक ईरान अपना यूरेनियम बाहर नहीं भेजता, तब तक जंग खत्म नहीं होगी। इसके साथ ही ईरान को अपना खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम भी पूरी तरह से खत्म करना होगा।
ईरान को यह गहरा शक है कि मौजूदा युद्धविराम सिर्फ अमेरिका की एक नई रणनीतिक चाल हो सकती है। ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ के अनुसार अमेरिका नए हमलों की गुपचुप तैयारी कर रहा है। ईरान को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कराकर उस पर दोबारा अचानक निशाना बनाने की साजिश रची जा रही है।
यह भी पढ़ें: US THAAD Interceptor: ईरान से जंग में अमेरिका का आधा भंडार खत्म, इजरायल को बचाने के लिए दागे ज्यादा मिसाइल
यूरेनियम संवर्धन का सच
पश्चिमी देशों का यह पुख्ता दावा है कि ईरान 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन सफलतापूर्वक कर चुका है। यह भारी मात्रा परमाणु हथियार बनाने के खतरनाक स्तर के बहुत ही करीब मानी जाती है। हालांकि ईरान का लगातार यह कहना है कि उसका यह परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
हमले से पहले ईरान के पास 60 प्रतिशत संवर्धित लगभग 440 किलोग्राम यूरेनियम मौजूद था। पाकिस्तान की मध्यस्थता में फिलहाल इन दोनों देशों के बीच शांति के लिए बातचीत लगातार जारी है। हालांकि यूरेनियम भंडार के मुख्य मुद्दे पर अभी तक कोई भी बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है।
