- Hindi News »
- India »
- Explainer Why Is Rbi Increasing Gold Reserves And Bringing It Back To India
Explainer: जनता को सोना खरीदने से रोका, पर खुद की तिजोरियां क्यों भर रही सरकार है? जानिए इसके पीछे का सच
RBI Gold Reserves: पीएम मोदी ने जनता से सोना न खरीदने की अपील क्यों की, जबकि आरबीआई खुद रिकॉर्ड तोड़ गोल्ड खरीदकर विदेशों से भारत ला रहा है? जानिए इसके पीछे का असली आर्थिक कारण और डॉलर का पूरा गणित।
- Written By: अक्षय साहू

गोल्ड रिजर्व बढ़ा रही आरबीआई (सोर्स- सोशल मीडिया)
India Gold Reserves: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश की जनता से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की थी। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। सरकार का मानना है कि अगर देश के लोग एक साल तक सोना न खरीदें, तो सोने के आयात में कमी आएगी। साथ ही इससे विदेशी मुद्रा भंडार में स्थिरता आएगी।
दिलचस्प बात ये है कि एक ओर जहां सरकार आम लोगों से सोना खरीदने की अपील कर रही है। वहीं, खुद सोना खदीरकर अपने भंडार भर रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास अभी 880.5 टन सोना है। यह ऑल टाइम हाई है। आईबीआई ने 2021 से लेकर 2025 तक 185 टन सोना खरीदा था। जबकि, 2025-26 में सरकार ने 168.6 टन सोना खरीद लिया है। साथ ही विदेशों में रखे सोने को देश वापस मंगवाया है। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार जब खुद सोना खरीद रही है तो आम जनता को मना क्यों कर रही है? क्या दूसरे देश भी सोना खरीद रहे हैं? विदेशी तिजोरियों में भारत का कितना सोना बचा है? और क्या भविष्य में डॉलर की जगह सोना ही मुख्य मुद्रा होगा?
विदेशों से सोना वापस क्यों ला रहा है भारत?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपना सोना विदेशों से वापस भारत ला रहा है। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं।
सम्बंधित ख़बरें
आज की ताजा खबर 19 मई LIVE: 5 दिन में दूसरी बार बढ़ी पेट्रोल और डीजल की कीमत
India Norway Partnership: पीएम मोदी और किंग हेराल्ड V के बीच अहम बैठक, पुरानी दोस्ती और नए समझौतों पर बनी बात
जल्द खत्म होगी महंगी तेल की टेंशन…ईरान और अमेरिका के बीच हुआ वो समझौता, भारत को मिलेगा सीधा फायदा
100 बिलियन डॉलर निवेश और 10 लाख नौकरियां! नॉर्वे और भारत के बीच हुई बड़ी डील, आतंकवाद पर भी गरजे PM मोदी
विदेशों से सोना वापस क्यों ला रहा भारत (AI जनरेटेड फोटो)
सुरक्षा और पूर्ण नियंत्रण: भारत पहले अपना काफी सोना विदेशी बैंकों की तिजोरियों में रखता था। लेकिन अब RBI चाहता है कि ज्यादा से ज्यादा सोना भारत में ही रहे, ताकि उस पर भारत का पूर्ण नियंत्रण हो। 2023 में भारत के कुल सोने का केवल 38% हिस्सा देश में था, लेकिन अब यह बढ़कर लगभग 77% हो गया है। यानी करीब 680 टन सोना अब भारत की तिजोरियों में रखा गया है।
अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का डर: 2022 रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिका ने रूस के लगभग 300 बिलियन डॉलर के विदेशी भंडार को फ्रीज कर दिया था। इस एक फैसले ने युद्ध में रूस को बड़ा झटका दिया था। हालांकि, रूस के पास तेल और गैस के भंडार हैं। जिससे उसने चीन, भारत और उत्तर कोरिया जैसे देशों को सस्ता तेल बेचकर अपने घाटे की वसूली कर ली। लेकिन भारत जैसे देश जिनके पास ऐसे कोई भंडार नहीं है, वो उन्हें इस बात का डर सताने लगा कि, अगर भविष्य में किसी देश से विवाद हुआ तो अमेरिका उसकी विदेशी संपत्तियों को रोक सकता है। इसलिए भारत अब डॉलर और विदेशी बैंकों पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है।
डॉलर पर निर्भरता कम करना: इसे ‘डी-डॉलराइजेशन’ कहा जाता है। डॉलर की कीमत लगातार बदलती रहती है और अमेरिका की नीतियों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। ऐसे में भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है। सोना ऐसी संपत्ति है जिसकी कीमत लंबे समय तक सुरक्षित मानी जाती है।
आर्थिक संप्रभुता कायम करने की इच्छा: अगर किसी वैश्विक संकट, युद्ध या प्रतिबंध जैसी स्थिति पैदा हो जाए, तो अपने देश में रखा सोना तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे भारत को आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
क्या दूसरे देश भी अपना सोना वापस मंगवा रहे हैं?
दुनिया में फिलहाल युद्ध और मंदी का दौर चल रहा है। ऐसे में भारत के अलावा दूसरे देश भी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें पहला चरण विदेशों में पड़े अपने सोने को वापस मंगवाना है। इसी का नतीजा है कि भारत आज गोल्ड रिजर्व के मामले में 5वें नंबर पर है। भारत के अलावा चीन, ब्राजील, तुर्की और पोलैंड जैसे देश भी तेजी से सोना खरीद रहे हैं। चीन पिछले कई महीनों से लगातार सोना जमा कर रहा है और उसके पास 2300 टन से ज्यादा सोना है।
गोल्ड रिजर्व के मामले में 5वें स्थान पर पहुंचा भारत (AI जनरेटेड फोटो)
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक सर्वे के अनुसार, दुनिया के लगभग 76% केंद्रीय बैंक अगले 5 सालों में अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ाना चाहते हैं। वहीं 73% बैंकों को लगता है कि भविष्य में डॉलर की ताकत कम हो सकती है। इसका मुख्य कारण वही है जो भारत के साथ है। हालांकि सभी देश अपना सोना भारत की तरह वापस नहीं ला रहा, लेकिन अधिकतर देश अपने भंडार में सोने की हिस्सेदारी जरूर बढ़ा रहे हैं।
विदेशी तिजोरियों में भारत का कितना सोना बचा है?
भारतीय रिजर्व बैंक के पास इस समय कुल लगभग 880.5 टन सोना है। इसमें से करीब 680 टन सोना भारत में रखा गया है। इसके अलावा लगभग 197 टन सोना अभी भी विदेशी तिजोरियों में रखा हुआ है। कुछ सोना “गोल्ड डिपॉजिट” में भी निवेश किया गया है, जिससे ब्याज मिलता है। भारत धीरे-धीरे अपना ज्यादा से ज्यादा सोना देश में ला रहा है। यही वजह है कि कुछ साल पहले जो सोना विदेशों में ज्यादा रखा जाता था, अब उसका बड़ा हिस्सा भारत में सुरक्षित रखा जा रहा है।
सोने के आयात से भारतीय रुपये पर क्या असर पड़ता है?
भारत अपनी जरूरत का लगभग पूरा सोना विदेशों से खरीदता है। इसके लिए भुगतान डॉलर में करना पड़ता है। जब भारत ज्यादा सोना आयात करता है, तो देश से ज्यादा डॉलर बाहर जाते हैं। इससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है और रुपया कमजोर होने लगता है।
भारत के कुल आयात बिल में सोने की हिस्सेदारी काफी बड़ी है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत बढ़ जाए, तो भारत को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। इससे रुपये की स्थिति और कमजोर हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, अगर भारत कम मात्रा में भी सोना खरीदे लेकिन कीमतें बहुत ज्यादा हों, तब भी ज्यादा डॉलर खर्च होंगे। यही कारण है कि सरकार कई बार लोगों से जरूरत से ज्यादा सोना खरीदने से बचने की अपील करती है।
यह भी पढ़ें- Explainer: पंचायत चुनाव और 2027 की गद्दी, यूपी की सियासत का ‘गेम चेंजर’ क्यों बनने जा रहा नया OBC आयोग?
क्या भविष्य में डॉलर की जगह ले लेगा सोना ?
अभी ऐसा कहना सही नहीं होगा कि सोना पूरी तरह डॉलर की जगह ले लेगा। लेकिन इतना जरूर है कि दुनिया में डॉलर पर भरोसा पहले जैसा नहीं रह गया है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कई देशों को लगा कि अमेरिका डॉलर और बैंकिंग सिस्टम का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर सकता है। इसी कारण अब कई देश डॉलर की बजाय सोने को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। सोने की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह किसी एक देश के नियंत्रण में नहीं होता। इसे किसी भी देश में बेचकर दूसरी मुद्रा प्राप्त की जा सकती है। इसलिए इसे सुरक्षित संपत्ति माना जाता है।
Explainer why is rbi increasing gold reserves and bringing it back to india
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Explainer: जनता को सोना खरीदने से रोका, पर खुद की तिजोरियां क्यों भर रही सरकार है? जानिए इसके पीछे का सच
May 19, 2026 | 08:37 AMनागपुर में उपचुनाव की घोषणा, आचार संहिता लागू; क्या अब पेश हो पाएगा नागपुर मनपा का बजट?
May 19, 2026 | 08:32 AMपीएम सूर्यघर योजना: चंद्रपुर मंडल में 19,155 घरों पर लगे सोलर पैनल; एसपी का दावा- रडार पर 8 अर्बन नक्सली
May 19, 2026 | 08:31 AM2500 रुपये लेकर मुंबई आए थे Nawazuddin Siddiqui, बिस्किट खाकर करते थे गुजारा, आज है बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर
May 19, 2026 | 08:30 AMदो दुष्कर्म की घटनाओं से थर्राया पुणे, चलती कार में महिला और येवलेवाड़ी में 9 साल की बच्ची बनीं शिकार
May 19, 2026 | 08:29 AMआज का मौसम: आसमान से बरसेगी आफत या राहत? 15 राज्यों में तूफानी तांडव! 70 की रफ्तार से चलेगी हवा
May 19, 2026 | 08:27 AMइंदौर: बच्ची को कार में ही भूले परिजन, 3 घंटे तक फंसी रही हाजरा, दम घुटने से हो गई मौत
May 19, 2026 | 08:24 AMवीडियो गैलरी

आगे ऑटो में विधायक, पीछे फॉर्च्यूनर से शूटिंग! PM मोदी की अपील का ऐसा असर देख चकराए लोग- VIDEO
May 18, 2026 | 02:14 PM
रास्ता ब्लॉक करके नमाज अदा करना…हुमायूं कबीर का बड़ा बयान, वंदे मातरम को बताया भारतीय संस्कृति का हिस्सा
May 18, 2026 | 02:00 PM
ऐसे जाहिल गंवारों को…NEET पेपर लीक पर बुरी तरह भड़के विशाल ददलानी, बोले- सत्ता में बैठे लोग खुद शिक्षित नहीं
May 18, 2026 | 01:38 PM
केरलम: वीडी सतीशन ने ली CM पद की शपथ, खरगे-राहुल-प्रियंका-रेवंत रेड्डी समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद- VIDEO
May 18, 2026 | 11:54 AM
लखनऊ में भारी बवाल, वकीलों के अवैध चैंबरों पर गरजा प्रशासन का बुलडोजर, पुलिस ने की लाठीचार्ज, देखें VIDEO
May 17, 2026 | 01:25 PM
शिक्षामंत्री फुंकवाते हैं और स्वास्थ्य मंत्री…बिहार सरकार पर तेजस्वी का तंज, बोले- सरकार ने जनता को ठगा
May 17, 2026 | 01:09 PM














