Trump Iran Tension: ट्रंप का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' अटका, अरब देशों के इनकार के बाद ईरान पर रुख हुआ नरम

Trump Iran Tension: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' खटाई में पड़ गया है। सऊदी अरब और कुवैत ने अपने एयरबेस के इस्तेमाल से साफ इनकार कर दिया है, जिससे अमेरिका को बहुत बड़ा झटका लगा है।
Trump Iran Tension: Arab Nations Reject US Airbase Request As Trump Softens Stand On Hormuz Strait
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Trump Iran Tension Global Crisis: ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों भारी दबाव और बहुत बड़ी कशमकश में दिखाई दे रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खुलवाने की अमेरिकी योजना को हाल ही में एक बहुत बड़ा और गंभीर झटका लगा है। सऊदी अरब और कुवैत ने अपने एयरबेस और एयरस्पेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। अपने अहम और करीबी सहयोगियों के इस कड़े रुख के बाद ट्रंप को अपना रुख नरम करना पड़ा है।

सार्वजनिक मंचों पर ट्रंप खुद को बेहद मजबूत और आक्रामक नेता के तौर पर लगातार पेश कर रहे हैं। लेकिन अंदरखाने की स्थिति और मीडिया रिपोर्ट कुछ अलग ही कहानी पूरी दुनिया को साफ बयान कर रही हैं। अमेरिका ईरान पर अपना भारी दबाव बनाने के लिए अपने खाड़ी सहयोगियों का खुलकर साथ चाहता था। लेकिन इन अरब देशों के सीधे इनकार ने अमेरिका की पूरी कूटनीतिक रणनीति को फिलहाल काफी उलझा दिया है।

प्रोजेक्ट फ्रीडम को झटका

ट्रंप प्रशासन ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू कराने के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' बनाया था। अमेरिका ने इसके लिए सऊदी अरब, कुवैत और अन्य खाड़ी देशों से एयरबेस इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी। लेकिन एनबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। रियाद ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर इस अहम प्रोजेक्ट की अचानक सार्वजनिक घोषणा किए जाने से बहुत नाराज था। सऊदी अरब ने स्पष्ट कर दिया कि वह इस बड़े सैन्य अभियान का किसी भी तरह समर्थन नहीं करेगा। इसके बाद कुवैत ने भी अमेरिकी सैन्य विमानों और बेसों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

ट्रंप का अचानक नरम रुख

इन घटनाओं के बाद ट्रंप अचानक नरम पड़े और 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को फिलहाल रोक दिया। उन्होंने यह अहम कदम ईरान के साथ किसी नए समझौते की संभावना को बनाए रखने के लिए उठाया है। हालांकि ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत विफल हुई तो अमेरिका फिर से ईरान पर हमले शुरू कर सकता है।

फरवरी में अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद तेहरान ने इस अहम होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल कारोबार के लिए यह संकरा समुद्री रास्ता सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मची है और ईरान का रुख बहुत सख्त है।

ईरान का पलटवार और प्रस्ताव

ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों को रोकने के लिए एक अमेरिकी युद्धपोत को अपना सीधा निशाना बनाया था। इसके अलावा यूएई पर भी ईरान द्वारा ड्रोन और खतरनाक मिसाइल हमले बड़ी संख्या में किए गए थे। अब ईरान अमेरिकी शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन वह बिना शर्त झुकने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है।

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