कर्नाटक ईकाई अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र बोले, यतनाल को पार्टी से मैंने नहीं निकलवाया, ये हाईकमान का निर्णय

भाजपा कर्नाटक यूनिट के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने सफाई देते हुए कहा है कि वरिष्ठ नेता और विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल के निष्कासन में मेरा कोई हाथ नहीं है। ये निर्णय पार्टी का है।
भाजपा कर्नाटक इकाई अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र की सफाई, यतनाल के निष्कासन में मेरा हाथ नहीं
भाजपा कर्नाटक इकाई अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र
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बेंगलुरु : कर्नाटक भाजपा में इन दिनों रस्साकशी का दौर चल रहा है। विधायक और वरिष्ठ नेता बसनगौड़ा पाटिल यतनाल के पार्टी से निष्कासन के बाद तरह-तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। निष्कासन के पीछ कई नेताओं का हाथ होने की बात भी कही जा रही है। ऐसे में भाजपा के कर्नाटक ईकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने साफ कहा है कि यतनाल के निष्कासन में उनका कोई हाथ नहीं है, ये आलाकमान का निर्णय है। वह लंबे समय से इस पर विचार भी कर रही थी।

विजयेंद्र ने कहा कि उन्होंने यतनाल के साथ ही पार्टी में अन्य सभी लोगों को साथ लेकर चलने का पूरी ईमानदारी से प्रयास किया था। विजयेंद्र ने कहा कि उन्होंने पार्टी के हित में लगभग एक साल तक खुद और पिता एवं पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को लेकर यतनाल की ओर से की गई अपमानजनक टिप्पणियों को भी सहन किया था।

यतनाल ने विजयेंद्र और येदियुरप्पा पर लगाया था वंशवाद का आरोप

यतनाल ने मीडिया के समक्ष विजयेंद्र और येदियुरप्पा पर हमला को लेकर कहा था कि वह कर्नाटक में वंशवाद की राजनीति, भ्रष्टाचार और समायोजन की राजनीति के खिलाफ अपनी लड़ाई की शुरुआत राज्य में यात्रा करके और लोगों के बीच जागरूकता पैदा करके करेंगे, जिसका उद्देश्य भाजपा की मूल विचारधारा को बचाना है। यतनाल ने कहा था कि वह कोई नई पार्टी नहीं बनाएंगे। वह भाजपा को मजबूत करने को लेकर तत्पर हैं।

पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन करने पर निष्कासन

भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री यतनाल को पार्टी अनुशासन का बार-बार उल्लंघन करने पर छह साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। विजयेंद्र ने यतनाल की टिप्पणियों पर कहा हमारे केंद्रीय नेताओं ने कई बार नोटिस जारी कर यतनाल को समझाने की कोशिश की थी। प्रदेश अध्यक्ष बनने के दो-तीन महीने के अंदर विधान परिषद सदस्य रवि कुमार और अन्य नेताओं के जरिए भी संपर्क करने की कोशिश की थी लेकिन बात नहीं बनी। देश की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

विजयेंद्र बोले- यतनाल से पर्सनली बात करने की भी कोशिश की थी

विजयेंद्र ने बताया कि मैंने यतनाल से व्यक्तिगत रूप से मिलने की भी कोशिश की थी और उन्हें विधानमंडल सत्र के दौरान रात्रिभोज पर भी बुलाया था। उनसे कहा था कि चलिए जो भी मामला है सुलझाते हैं। मैं उम्र और अनुभव दोनों के मामले में यतनाल से छोटा हूं।

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