तिरुपति मंदिर से 100 करोड़ की चोरी? BJP का YSRCP पर बड़ा हमला, जल्द ही एक अधिकारी बनेगा सरकारी गवाह
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) बोर्ड के एक सदस्य का कहना है कि इतिहास में इतना भ्रष्ट बोर्ड कभी नहीं देखा। भक्तों के द्वारा भगवान को किए गए दान के पैसों को पिछली सरकार की मिलीभगत से उठाया गया।
- Written By: सौरभ शर्मा
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को लेकर एक फिर से बड़ा भूचाल (फोटो- सोशल मीडिया)
BJP Claim TTD Scam 100 Crore Theft: आंध्र प्रदेश की राजनीति में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को लेकर एक फिर से बड़ा भूचाल आ गया है। भाजपा ने पिछली YSRCP की जगन मोहन रेड्डी की सरकार पर टीटीडी के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी का आरोप लगाया है। टीटीडी बोर्ड के सदस्य और भाजपा नेता भानु प्रकाश रेड्डी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि भगवान वेंकटेश्वर के परकामनी (जहां चढ़ावे की गिनती होती है) से 100 करोड़ से अधिक रुपये की चोरी हुई। उन्होंने यह भी सनसनीखेज दावा किया है कि इस मामले में एक बड़ा अधिकारी जल्द ही सरकारी गवाह बनने वाला है और फिर इसकी सारी परतें खुल जाएंगी।
शनिवार को तिरुपति में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, भानु प्रकाश रेड्डी ने कहा कि उन्होंने टीटीडी के इतिहास में इतना भ्रष्ट बोर्ड कभी नहीं देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में भक्तों द्वारा श्रद्धा से चढ़ाए गए दान को लूट लिया गया और इसमें तत्कालीन सरकार के उच्च अधिकारी भी शामिल थे। रेड्डी ने कहा कि वह यह सभी बातें पूरे सबूतों के साथ कह रहे हैं और जल्द ही सबकी पोल खुलने वाली है, क्योंकि एक अधिकारी इस घोटाले का राज खोलने के लिए तैयार बैठा है।
कैसे पकड़ा गया था डॉलर चोर कर्मचारी
यह पूरा विवाद अप्रैल 2023 में सामने आया, जब परकामनी में विदेशी मुद्रा संभालने वाले कर्मचारी सीवी रवि कुमार को अमेरिकी डॉलर चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। टीटीडी के सहायक सतर्कता और सुरक्षा अधिकारी वाई सतीश कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, रवि कुमार को सीसीटीवी फुटेज में अपने नोटों की गड्डी छिपाते हुए साफ देखा गया था। उस वक्त उसके पास से 72,000 रुपये मूल्य के अमेरिकी डॉलर बरामद हुए थे। इस घटना के समय भुमना करुणाकर रेड्डी टीटीडी के अध्यक्ष थे और इस मामले के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था।
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CID जांच और करोड़ों के दान का रहस्य
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह था कि स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बावजूद, इसे बड़ी जल्दबाजी में लोक अदालत के माध्यम से सुलझा लिया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी कर्मचारी रवि कुमार ने बाद में तिरुपति और चेन्नई में स्थित 14 अपार्टमेंट और अन्य संपत्तियां, जिनकी कीमत करोड़ों में है, टीटीडी को “दान” कर दीं। मामले के इसी शीघ्र निपटारे और करोड़ों के दान ने संदेह पैदा किया, जिसके बाद आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए CID को सभी रिकॉर्ड जब्त कर जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। वहीं, आईटी मंत्री नारा लोकेश ने भी आरोप लगाया है कि इस चोरी में वाईएसआरसीपी के कई नेता शामिल थे, जिन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी और टीटीडी अध्यक्ष का संरक्षण प्राप्त था।
