आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट को मिली पहली महिला मुख्य न्यायाधीश, CM नायडु ने दी बधाई, जानें कौन हैं जस्टिस लिसा गिल
Lisa Gill: आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस लिसा गिल को नियुक्त गया। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूरी दे दी है। जानें लिसा गिल कौन है।
- Written By: प्रिया जैस
जस्टिस लिसा गिल (सौजन्य-एक्स)
Andhra Pradesh HC First Woman CJ Lisa Gill: चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की न्यायाधीश लिसा गिल (Lisa Gill) का तबादला आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में करने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले की जानकारी केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। उन्होंने बताया कि यह निर्णय भारत के संविधान के तहत राष्ट्रपति द्वारा, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद लिया गया है।
संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ फैसला
न्यायाधीशों के तबादले की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों के आधार पर होती है, जिसे केंद्र सरकार अंतिम मंजूरी देती है। यह ट्रांसफर भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे न्यायपालिका में संतुलन और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है।
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दी बधाई
आंध्र प्रदेश के CM एन. चंद्रबाबू नायडू ने लिसा गिल को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, “आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त होने पर माननीय न्यायमूर्ति लिसा गिल को मेरी हार्दिक बधाई। यह ऐतिहासिक मील का पत्थर उच्च न्यायपालिका में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
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My heartiest felicitations to Hon’ble Justice Lisa Gill on her appointment as the first woman Chief Justice of the Andhra Pradesh High Court. This historic milestone marks a significant step towards enhancing women’s representation in the higher judiciary. Over the years,… pic.twitter.com/SYvUrRf3TO — N Chandrababu Naidu (@ncbn) April 23, 2026
उन्होंने आगे लिखा, “इन वर्षों में, न्यायमूर्ति गिल ने एक विशिष्ट और अनुकरणीय कानूनी करियर बनाया है, जिसमें उन्होंने दीवानी, फौजदारी और संवैधानिक कानूनों से जुड़े मामलों की एक विस्तृत श्रृंखला को कुशलता से संभाला है, और न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए गहरा सम्मान अर्जित किया है। मैं न्यायमूर्ति लिसा गिल के लिए कानून के शासन को बनाए रखने और बुद्धिमत्ता व ईमानदारी के साथ न्याय प्रदान करने में एक सफल, प्रेरणादायक और प्रभावशाली कार्यकाल की कामना करता हूं।”
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कौन हैं लिसा गिल?
लिसा गिल (Lisa Gill) ने अपने वकालत की शुरुआत 1990 में की। उन्होंने आपराधिक, दीवानी, सेवा, राजस्व और संवैधानिक मामलों में विशेषज्ञता हासिल की और 31 मार्च 2014 को पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट की न्यायाधीश नियुक्त की गई। लिसा गिल की स्कूलिंग चंडीगढ़ की कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से हुई। गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स से उन्होंने स्नातक की डिग्री हासिल की और फिर पंजाब विश्वविद्यालय से BA, LLB और LLM की शिक्षा पूरी की। उन्होंने लंबे समय तक चंडीगढ़ प्रशासन और कई सरकारी बोर्डों का भी प्रतिनिधित्व किया है।
हाईकोर्ट में जजों की स्थिति
पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की कुल संख्या 85 है, जबकि वर्तमान में 61 जज कार्यरत हैं। ऐसे में इस तरह के ट्रांसफर न्यायिक कामकाज के संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
