असम में अंधविश्वास का खौफनाक तांडव, दंपती को 'डायन' बताकर उतारा मौत के घाट, शव भी फूंके, 18 गिरफ्तार

Assam News: असम के कार्बी आंगलोंग में जादू-टोने के शक में भीड़ ने दंपती की बेरहमी से हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए उनके शवों को घर के सामने ही जला दिया। मामले में पुलिस ने 18 लोगों को धर दबोचा है।
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प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
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Assam Karbi Anglong Couple Murder: असम के कार्बी आंगलोंग जिले से अंधविश्वास की एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ जादू-टोना करने के शक में ग्रामीणों की भीड़ ने इंसानियत को शर्मसार करते हुए एक दंपती को पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने इस जघन्य अपराध में अब तक महिलाओं समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।

बेलोगुरी मुंडा गांव में इंसानियत शर्मसार यह दिल दहला देने वाली घटना कार्बी आंगलोंग जिले के बेलोगुरी मुंडा गांव की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 दिसंबर की रात ग्रामीणों की एक उग्र भीड़ ने 46 वर्षीय गार्डी बेरुवा और उनकी पत्नी मीरा बेरुवा को 'डायन' होने का आरोप लगाकर निशाना बनाया। भीड़ ने दंपती को चारों तरफ से घेर लिया और उन पर जादू-टोना करने का शक जाहिर करते हुए हमला कर दिया। अंधविश्वास में डूबी भीड़ ने न केवल उनकी जान ली, बल्कि क्रूरता की हदें पार करते हुए उनके घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।

शवों को उनके घर के सामने ही जला दिया

'डायन' बताकर दंपती को मारने की घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए साक्ष्यों को मिटाने की साजिश रची। उन्होंने दंपती के शवों को उनके घर के सामने ही जला दिया। जब पुलिस सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची, तो वहां घर टूटा हुआ मिला और आंगन में जलती हुई आग के अवशेष दिखाई दिए। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य के तौर पर खून से सनी मिट्टी, लकड़ी के डंडे और गोबर का घोल जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर खून के धब्बे छिपाने और सबूत मिटाने के लिए किया गया था।

18 आरोपी गिरफ्तार, लगेगा सख्त कानून

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक चार महिलाओं सहित कुल 18 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। आईजीपी अखिलेश कुमार सिंह ने इस घटना को एक जघन्य अपराध करार देते हुए कहा कि मामले की जांच वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। पुलिस ने इस मामले को असम डायन विरोधी कानून और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया है।

आईजीपी ने पूर्व में असम के ही शिवसागर जिले में हुए एक इसी तरह के मामले का उदाहरण दिया, जहां दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली थी। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में भी उतनी ही सख्ती बरती जाएगी ताकि समाज में अंधविश्वास के नाम पर होने वाले ऐसे अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।

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