
तंत्र-मंत्र का शिकार बच्चा (फोटो सोर्स - सोशल मीडिया)
भोपाल: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में अंधविश्वास ने एक मासूम की जिंदगी पर गहरा असर डाल दिया। एक छह महीने के बच्चे को तांत्रिक के पास ले जाया गया, जहां उसे गर्म सलाखों से दाग दिया गया। मासूम का गाल और होंठ झुलस गए, वहीं उसकी दोनों आंखों पर भी गंभीर असर पड़ा है। डॉक्टरों का कहना है कि उसका कॉर्निया जल चुका है और रोशनी जाने का खतरा है। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ ने सोशल मीडिया पर इस घटना को उजागर कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल बच्चे के माता गंभार हालत में बच्चे को हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे, जहां पर बच्चे के होठ और गले में जलने की गंभीर स्थिति थी। अभिभावकों ने पहले तो बोला की वे बच्चे को तांत्रिक के पास तंत्र-मंंत्र के लिए ले गए थे लेकिन जब बात बढ़ने लगी तो फिर पलटकर बोले कि बच्चा चाय से चल गया है।
बच्चे के माता-पिता आदेश वर्मा और उनकी पत्नी अपने बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों ने जब उसकी हालत देखी तो माता-पिता ने बताया कि वे उसे रामनगर, कोलारस के एक तांत्रिक के पास ले गए थे, जहां झाड़-फूंक के नाम पर दागा गया। लेकिन बाद में जब मामला चर्चा में आया, तो उन्होंने कहा कि बच्चा चाय से जल गया।
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इस मामले पर अस्पताल के चिकित्सकों ने कड़ा रुख अपनाय और एक डॉक्टर ने बताया कि माता-पिता ने पहले खुद कबूल किया था कि वे तांत्रिक के पास गए थे, लेकिन अब अपनी बात से पलट रहे हैं। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जरूरत है ताकि फिर कोई मासूम अंधविश्वास की बलि न चढ़े। सिविल सर्जन ने कहा कि पुलिस को इस घटना की जानकारी दी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। हमें इस बात पर हमेशा सचेत रहना चाहिए कि कभी भी किसी भी तरह की बीमारी में पहले डॉक्टर की परामर्श लेकर बहुत जरूरी है।






