
भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक वेलकम करते हुए असम के सीएम हिमंत विश्व सरमा PHOTO: (Assam CM Twitter)
गुवाहाटी: भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक (Jigme Khesar Namgyel Wangchuck) असम की अपनी पहली तीन दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार को यहां पहुंचे। पड़ोसी हिमालयी देश के 43 वर्षीय राजा का राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा (Himanta Vishwa Sarma) और उनके कैबिनेट सहयोगियों और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने लोकप्रिय गोपीनाथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Gopinath International Airport) पर स्वागत किया।
#WATCH असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक का गुवाहाटी पहुंचने पर स्वागत किया। किंग 3-10 नवंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यात्रा के दौरान वे पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्री और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उनसे… pic.twitter.com/JO3gi7i643 — ANI_HindiNews (@AHindinews) November 3, 2023
असम का पारंपरिक गमछा भेंट किया
वांगचुक को असम का पारंपरिक गमछा भेंट किया गया और उन्होंने मुख्यमंत्री एवं उनके कैबिनेट सहयोगियों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। भूटान नरेश शहर में नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर जाएंगे। वह दोपहर में गुवाहाटी में भूटानी प्रवासियों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री शर्मा शाम को भूटान नरेश के साथ बैठक करेंगे। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया उनके सम्मान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।
On behalf of the people of Assam, I am elated to welcome His Majesty Jigme Khesar Namgyel Wangchuck, the King of Bhutan. Under the guidance of our Hon’ble Prime Minister, we look forward to the strengthening of the special relationship between our two countries. pic.twitter.com/LwvNwAsyPw — Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) November 3, 2023
दोनों देशों के बीच संबंध होंगे मजबूत
भूटान नरेश और उनका दल शनिवार को एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान जाएंगे। वांगचुक रविवार को जोरहाट से नई दिल्ली रवाना होंगे मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर लिखा कि उनकी शाही उपस्थिति दोनों देशों के बीच के संबंधों को और मजबूत करेगी।
राज्य कैबिनेट ने सद्भावना के संकेत के रूप में बुधवार को भूटान की शाही सरकार के लिए तीन एमबीबीएस सीट आरक्षित रखने को मंजूरी दी। भारत और भूटान की 649 किलोमीटर की सीमा साझा है, जिसमें से 267 किलोमीटर की सीमा असम के साथ लगती है।






