वक्फ पर लिया रिस्क, अगला टारगेट फिक्स! अब क्या करने जा रही मोदी सरकार, अमित शाह के बयान से बढ़ी सुगबुगाहट- VIDEO

Amit Shah News: सोशल मीडिया यूजर्स ने अमित शाह का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री सदन में धर्मांतरण के मुद्दे पर बोल रहे थे और कांग्रेस को जवाब दे रहे थे।
वक्फ पर लिया रिस्क, अगला टारगेट फिक्स! अब क्या करने जा रही मोदी सरकार, अमित शाह के बयान से बढ़ी सुगबुगाहट
वक्फ पर लिया रिस्क, अगला टारगेट फिक्स! अब क्या करने जा रही मोदी सरकार, अमित शाह के बयान से बढ़ी सुगबुगाहट
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नवभारत डेस्क: संसद से वक्फ संशोधन विधेयक पास हो चुका है, लेकिन पिछले तीन दिनों में घटे घटनाक्रम के बीच नई सुगबुगाहट की चर्चा भी शुरू हो चुकी है। चर्चा चल रही है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अब देश में धर्मांतरण विरोधी कानून ला सकती है। गृह मंत्री के एक बयान के बाद इस चर्चा ने जोर पकड़ा है। हालांकि अभी यह सिर्फ चर्चा है, केंद्र की सरकार ने इस दिशा में कोई आधिकारिक तौर पर कदम नहीं उठाए हैं।

तमाम सोशल मीडिया यूजर्स ने अमित शाह का एक वीडियो साझा किया है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री सदन में धर्मांतरण के मुद्दे पर बोलते हुए दिखाई दे रहे थे और कांग्रेस को जवाब दे रहे थे। शाह के इस बयान के मायने सोशल मीडिया यूजर्स इस तरह निकाल रहे हैं कि सरकार का अगला कानून अवैध धर्मांतरण होगा।

देखें वीडियो

अमित शाह ने क्या कहा?

अमित शाह लोकसभा में दो अप्रैल को वक्फ विधेयक पर हो रही चर्चा में बोल रहे थे। शाह ने इस दौरान धर्म परिवर्तन को लेकर भी बयान दिया था। कांग्रेस के सदस्यों को अमित शाह जवाब दे रहे थे और उसी बीच गृह मंत्री ने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरी पार्टी की सरकारें धर्मांतरण विरोधी कानून लाती हैं। सबको अपने धर्म का अनुसरण करने का अधिकार है, शौक से करें, लेकिन लोभ, लालच तथा डर से धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकता है। किसी गरीब के पास खाना नहीं है तो क्या खाना देकर धर्म परिवर्तन करा दोगे। कोई कम पढ़ा लिखा व्यक्ति है तो उसका भी धर्म परिवर्तन करा देंगे, ऐसा नहीं होगा।

नए विधेयक में क्या बदलेगा?

वक्फ (संशोधन) विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, राज्य वक्फ बोर्ड की संरचना और विवाद समाधान में राज्य सरकार की भूमिका को पुनः परिभाषित करता है। इसके अंतर्गत वक्फ विवादों को हल करने के लिए जिला जज और संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी वाले ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा।

आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि यह विधेयक ऐसे समय में लाया गया है जब बाबरी मस्जिद जैसी ऐतिहासिक वक्फ संपत्ति पर लंबे समय तक विवाद चल चुका है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2019 में इसका निपटारा हुआ था, जिसके बाद राम मंदिर निर्माण शुरू हुआ।

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