जापान में गर्मी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा, पहली बार घोषित हुआ क्रूर गर्म दिन

Japan Extreme Heat: जापान में प्रचंड गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मंगलवार को तापमान 40°C के पार जाने पर आधिकारिक तौर पर पहला 'कोकुशोबी' दर्ज किया गया। लू से अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है।
Heat breaks all records in Japan! Mercury hits 40°C; 'brutally hot day' declared for the first time.
जापान में भीषण गर्मी का तांडव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Updated on

Japan Records First Kokushobi: जापान में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया।

इसे देखते हुए जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने आधिकारिक तौर पर देश का पहला 'कोकुशोबी' यानी 'क्रूर गर्म दिन' दर्ज किया है। यह नया शब्द इसी साल अप्रैल में उन दिनों के लिए पेश किया गया था जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है।

कई शहरों में टूटा रिकॉर्ड

मध्य जापान के गिफू प्रान्त के गुजिया और ताजिमी शहरों के साथ-साथ आइची प्रान्त के टोयोटा शहर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विशेष रूप से गुजियो में 40°C और टोयोटा में 40.1°C का तापमान दर्ज किया गया, जो इन केंद्रों पर अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।

देश भर के 914 मौसम केंद्रों में से 278 स्टेशनों पर तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा, जिसे 'मोशोबी' या बेहद गर्म दिन कहा जाता है।

गर्मी का जानलेवा असर

प्रचंड गर्मी ने लोगों की जान लेना शुरू कर दिया है। सोमवार को निगाटा प्रान्त के संजो में सड़क पर एक 40 वर्षीय व्यक्ति मृत पाया गया, जबकि कानागावा में 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। प्राथमिक जांच के अनुसार, इन दोनों की मृत्यु का कारण भीषण गर्मी और लू को माना जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में पहली बार हीटस्ट्रोक से मरने वालों की संख्या 2,000 के पार पहुंच गई थी।

गर्मी का कृषि पर पड़ता सीधा असर

बढ़ते तापमान का असर जापान की कृषि और संस्कृति पर भी साफ दिख रहा है। गर्मी के कारण मुख्य फसल चावल की गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित हो रही है, जिससे किसान अब एवोकैडो जैसी उन फसलों की ओर रुख कर रहे हैं जो अधिक गर्मी सह सकती हैं। लोकप्रिय 'कोशिएन' हाई स्कूल बेसबॉल टूर्नामेंट के समय में भी बदलाव किया गया है, ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों को हीटस्ट्रोक से बचाया जा सके।

बिजली संकट से निपटने की चुनौती

गर्मी के बीच बिजली की खपत कम करने के लिए सरकार ने कूल बिज अभियान के तहत ऑफिस कल्चर में ढील दी है। टोक्यो की गवर्नर युरिको कोइके ने ऑफिस कर्मचारियों को शॉर्ट्स, पोलो शर्ट और टी-शर्ट पहनने के लिए प्रोत्साहित किया है, ताकि एयर कंडीशनिंग का उपयोग कम किया जा सके और बिजली आपूर्ति की चुनौती से निपटा जा सके।

जलवायु परिवर्तन का संकेत

जापान के मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 100 वर्षों में देश का औसत तापमान लगभग 1.3 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। साल 2023 और 2024 रिकॉर्ड पर सबसे गर्म साल रहे थे, लेकिन 2025 ने उन सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्सर्जन में कटौती नहीं की गई, तो भविष्य में बाहरी खेल और गतिविधियां पूरी तरह असंभव हो सकती हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com