केतन अग्रवाल को सिर्फ घायल करना चाहते थे सिया और चेतन फिर क्यों कर दी हत्या? लोहगढ़ हत्याकांड में नया खुलासा

Ketan Agarwal Murder Case Pune: पुणे के लोहगढ़ किले में रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पहले केतन को सिर्फ घायल करने का था प्लान। 
Ketan Agarwal Murder Case New Update
केतन अग्रवाल हत्याकांड में चौकाने वाला खुलासा (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
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Ketan Agarwal Murder Case New Update: महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित लोहगढ़ किले में 26 वर्षीय उभरते रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस खौफनाक हत्याकांड की परतें उधड़ती जा रही हैं। पुलिस जांच में सामने आए नए और चौंकाने वाले खुलासे के मुताबिक, मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके साथी चेतन चौधरी की शुरुआती योजना केतन की हत्या करने की नहीं, बल्कि उसे सिर्फ गंभीर रूप से घायल करने की थी।

दोनों चाहते थे कि केतन किसी हादसे में घायल हो जाए ताकि उसकी आगामी शादी कुछ महीनों के लिए टल सके। हालांकि, बाद में अपनी पोल खुलने के डर से दोनों ने अपनी योजना बदलकर केतन को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का जानलेवा प्लान तैयार कर लिया।

बाली यात्रा और शादी की तारीख से घबराए आरोपी

पुणे पुलिस की जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी सिया और मृतक केतन अग्रवाल की जून के शुरुआती हफ्ते में इंडोनेशिया के बाली जाने की ट्रिप तय थी और इसके तुरंत बाद ही दोनों की शादी होने वाली थी। आरोपियों को इस बात का डर सता रहा था कि शादी और विदेश यात्रा संपन्न हो जाने के बाद उनकी अपनी निजी योजनाएं पूरी तरह नाकाम हो जाएंगी।

इसी हड़बड़ाहट में दोनों ने केतन की जल्द से जल्द हत्या करने की साजिश रची। इसके लिए सिया और चेतन ने बाकायदा लोनावला के मशहूर टाइगर पॉइंट, विसापुर किले और आसपास की ऊंची पहाड़ियों की रेकी की। दोनों एक ऐसी एकांत जगह की तलाश में थे जहां से केतन को नीचे फेंकने पर पूरी घटना एक प्राकृतिक हादसा लगे और कोई सुराग न छूटे।

ऑनलाइन सर्च, सस्पेंस फिल्में और रिहर्सल

जांच में यह बेहद खौफनाक सच भी उजागर हुआ है कि इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के लिए सिया और चेतन ने कई हफ्तों तक इंटरनेट पर सर्च किया, क्राइम-सस्पेंस फिल्में देखीं और मर्डर के अलग-अलग तरीकों पर विचार-विमर्श किया। वे एक-दूसरे को संभावित स्थानों की तस्वीरें भेजकर लगातार संपर्क में थे।

पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने 14 जून को भी लोहगढ़ किले पर केतन को धक्का देकर मारने का प्रयास किया था। हालांकि, उस समय किस्मत से केतन झाड़ियों को पकड़कर खाई में गिरने से बच गया था। तब शातिर सिया ने झांसा देते हुए दावा किया था कि उसने केतन को सांप के हमले से बचाने के लिए अचानक धक्का दिया था।

18 जून को खाई में दिया धक्का

14 जून के नाकाम प्रयास के बाद दोनों ने फिर से रिहर्सल की और पुलिस से बचने के तरीके ऑनलाइन खोजे। आखिरकार 18 जून को रणनीति के तहत केतन को दोबारा लोहगढ़ किले ले जाया गया और वहां चट्टान के किनारे से उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया गया।

पुणे पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक की जांच के दौरान किसी कॉन्ट्रैक्ट किलिंग या सुपारी किलिंग के सबूत नहीं मिले हैं। यह पूरी तरह से एक सुनियोजित और आपसी साजिश का मामला है। फिलहाल दोनों मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी न्यायिक हिरासत में पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में बंद हैं और पुलिस मामले की फॉरेंसिक सबूतों के साथ जांच पूरी करने में जुटी है।

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