
Al-Falah का फाउंडर जवाद अहमद सिद्दीकी अरेस्ट, दिल्ली ब्लास्ट में फंडिंग का है कनेक्शन!
Al Falah University Founder Arrested: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। आज सुबह ED के अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू की थी और उनके घर पर छापेमारी भी की जा रही है। ED को जवाद से जुड़ी कंपनियों द्वारा की गई वित्तीय अनियमितताओं के ठोस प्रमाण मिले हैं।
यह गिरफ्तारी लाल किले पर हुए धमाके में शामिल आतंकवादियों और आतंकी गतिविधियों के लिए पैसे के इस्तेमाल की जांच का हिस्सा है। प्रवर्तन निदेशालय को जांच के दौरान जवाद अहमद सिद्दीकी से जुड़ी कंपनियों द्वारा की गई वित्तीय गड़बड़ियों के स्पष्ट सबूत मिले हैं। ED अब इन पैसों के लेन-देन के कनेक्शन्स को खंगाल रही है। ED इस पहलू की जांच कर रही है कि क्या इस बेहिसाब या काले धन को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध बनाने का प्रयास किया गया था।
जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि क्या यह मनी लॉन्ड्रिंग का पैसा सीधे तौर पर लाल किले पर हुए धमाके में शामिल आतंकवादियों के लिए उपयोग किया गया था। ED इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या जवाद सिद्दीकी के वित्तीय नेटवर्क ने आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग में सहायता की थी।
ईडी ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर अल फलाह ग्रुप के खिलाफ जांच शुरू की थी। इन मामलों में यह आरोप लगाया गया था कि अल-फलाह विश्वविद्यालय, फरीदाबाद ने अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से छात्रों, अभिभावकों और अन्य स्टेकहोल्डर्स को भ्रमित करने के इरादे से एनएएसी मान्यता के भ्रामक और फर्जी दावे किए थे। एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि अल-फलाह विश्वविद्यालय ने यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 12(B) के अंतर्गत यूजीसी मान्यता का गलत दावा किया, ताकि अभ्यर्थियों, छात्रों, अभिभावकों, स्टेकहोल्डर्स और आम जनता को गुमराह करके अनुचित तरीके से लाभ प्राप्त किया जा सके और उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सके।
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यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि अल-फलाह विश्वविद्यालय को केवल धारा 2(F) के तहत एक राज्य निजी विश्वविद्यालय के रूप में शामिल किया गया है। उसने कभी भी धारा 12(B) के अंतर्गत शामिल होने के लिए आवेदन नहीं किया है और न ही वह उस प्रावधान के तहत किसी अनुदान के लिए पात्र है।






