अखिलेश यादव का 'मिशन महाराष्ट्र' अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रो से होगा शुरू, ओवैसी-NCP के वोट बैंक पर रहेगी नजर...

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अब महाराष्ट्र की ओर कूच करने वाले है। अपने दो दिनी महाराष्ट्र दौरे से अखिलेश, समाजवादी पार्टी के लिए आगामी चुनाव में सियासी ज़मीन तलाशना चाहते है, जिसके लिए वह सबसे पहले अल्पसंख्यक इलाको में जायेंगे।
UP by-election Akhilesh Yadav is once again worried Before the announcement of the election
अखिलेश यादव [स्रोत: सोशल मीडिया]
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मुंबई: महाराष्ट्र चुनाव की सियासी आबो हवा अब तेज़ हो गई है, हर राजनितिक दल चुनाव में उतरने की तैयारियों में लगा हुआ है। सूबे के बड़े नेताओं में बैठकों का दौर शुरू गया है, जल्द ही कार्यकर्ता सम्मलेन और इस तरह के कई पॉलिटिकल इवेंट्स भी देखने को मिलेंगे। ऐसे में चुनाव का मज़ा अब दोगुना होने वाला है।

महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी की सियासी ज़मीन तलाशने के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 'महाराष्ट्र अभियान' शुरू करने की ठान ली है। अखिलेश अपने इस चुनावी अभियान की शुरुआत महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रो से करने का सोच रहे है, इससे महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक वोट बैंक में सेंधमारी तय मानी जा रही है।

अखिलेश के मिशन महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा खतरा एनसीपी तथा ओवैसी की पार्टी AIMIM को है, क्योंकि दोनों ही पार्टियां इस वोट बैंक को बहुत संभालकर रखती है। अपने इस दो दिवसीय दौरे की शुरुआत करने अखिलेश 18 अक्टूबर को महाराष्ट्र आने वाले है, यहां वे सबसे पहले मालेगांव जायेंगे और एक सार्वजानिक कार्यक्रम करेंगे।

महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी की इकाई अखिलेश के आने की तैयारियो को अंजाम देने में जुटी हुई है। मालेगांव के बाद अखिलेश 19 अक्टूबर को धुले जायेंगे, यहां भी वे एक राजनितिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे तथा सियासी हाल को जानेंगे। यह दोनों ही जगह अल्पसंखयक बहुल मानी जाती है, जहां के वोट बैंक पर अब सपा की नजर है।

बताया जा रहा है, कि महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी कुल 18 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, यानि अब ये 18 उम्मीदवार महाराष्ट्र की स्थापित पार्टियों के लिए सर दर्द बन सकते है और समाजवादी पार्टी के लिए यह चुनाव महाराष्ट्र अभियान की एक बेहतर शुरुआत हो सकती है। हालांकि अखिलेश के लिए यह डगर इतनी आसान नहीं होगी क्योंकि केवल अल्पसंख्यक वोटो के भरोसे वह समाजवादी पार्टी को स्थापित नहीं कर पाएंगे। महाराष्ट्र का चुनावी मिज़ाज उत्तरप्रदेश से बहुत अलग है, जिसे समझने के लिए अखिलेश यहां आने वाले है।

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